नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर शुक्रवार को गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुई। मौसम की मार के बावजूद भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों ने अदम्य साहस और प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए परेड अभ्यास को सफल बनाया। रिहर्सल के दौरान रुक-रुक कर होती बारिश भी जवानों के कदमताल और उत्साह को रोक नहीं सकी।

फुल ड्रेस रिहर्सल में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की विभिन्न टुकड़ियों ने भाग लिया। सभी दस्तों ने निर्धारित समय और अनुशासन के साथ मार्च पास्ट किया। परेड में शामिल जवानों की सधी हुई चाल, एकरूप वेशभूषा और अनुशासन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस दौरान देश के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की ओर से प्रस्तुत की गई झांकियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक प्रगति और राष्ट्रीय उपलब्धियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। भारतीय सेना द्वारा प्रस्तुत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर आधारित झांकी ने सैन्य शक्ति, समर्पण और राष्ट्र की रक्षा में सैनिकों के बलिदान को दर्शाया। वहीं, संस्कृति मंत्रालय की ‘वंदे मातरम्’ विषयक झांकी ने देश की सांस्कृतिक विरासत, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त रूप में उकेरा।

बारिश के बावजूद आम नागरिकों का उत्साह भी कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में दर्शक छाते लेकर कर्तव्य पथ के दोनों ओर मौजूद रहे और परेड तथा झांकियों को ध्यानपूर्वक देखते रहे। दर्शकों ने तालियों और देशभक्ति के नारों के माध्यम से जवानों और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर देशभक्ति की झलक साफ दिखाई दी।

सुरक्षा के दृष्टिगत पूरे इलाके में कड़े इंतजाम किए गए थे। दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने यातायात और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी कुशलता से निभाई, जिससे रिहर्सल शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हो सकी।

फुल ड्रेस रिहर्सल के सफल आयोजन के साथ ही गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 26 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्वारा ध्वजारोहण के साथ परेड का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक समृद्धि और लोकतांत्रिक मूल्यों का भव्य प्रदर्शन देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
