मुरादाबाद। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों के समाधान को लेकर एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन किया। सोमवार को सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क में जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं एकत्रित हुईं, जहां से संगठित होकर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचीं।
प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ हैं। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और नन्हे बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य निगरानी, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका बेहद अहम है। इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया गया और न ही सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर आंगनबाड़ी कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि, पेंशन और ग्रेच्युटी की व्यवस्था, सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने, पदोन्नति की स्पष्ट नीति लागू करने तथा ऑनलाइन कार्य के लिए मोबाइल, इंटरनेट और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख मांगें रखी गईं।
प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे वर्षों से शासन-प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराती आ रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बार-बार मांगों की अनदेखी से आंगनबाड़ी कर्मियों में गहरा असंतोष और निराशा बढ़ रही है।
आंगनबाड़ी कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए मजबूर होंगी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कर्मियों का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।
