मुरादाबाद। सनातन संस्कृति और धार्मिक चेतना के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से महंत रमेश चंद्र भगतजी ने मुरादाबाद से बागेश्वर धाम तक पैदल यात्रा का संकल्प लिया है। करीब 700 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा की शुरुआत मुरादाबाद जनपद के बिलारी कस्बे से हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ उन्हें शुभकामनाओं सहित विदा किया।
भगवा ध्वज थामे महंत रमेश चंद्र भगतजी का कहना है कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने की संकल्प यात्रा है। उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम पहुंचकर वे बाबा बागेश्वर से भेंट करेंगे और मुरादाबाद आगमन का औपचारिक निमंत्रण देंगे। उनके अनुसार, मुरादाबाद में प्रस्तावित धार्मिक आयोजन के माध्यम से सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

महंत रमेश चंद्र भगतजी ने कहा कि उनकी पदयात्रा “हिंदू राष्ट्र” की भावना से प्रेरित है। उनका मानना है कि धर्म, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए समाज का संगठित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बाबा बागेश्वर द्वारा किए जा रहे धार्मिक और सामाजिक कार्यों से उन्हें प्रेरणा मिली है, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने यह कठिन पदयात्रा आरंभ की है।
करीब एक माह तक चलने वाली इस पदयात्रा के दौरान विभिन्न जनपदों और कस्बों में श्रद्धालु उनका स्वागत कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोग कुछ दूरी तक उनके साथ चलकर समर्थन जता रहे हैं। यात्रा को लेकर स्थानीय स्तर पर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं, प्रशासन भी यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है।

धार्मिक आस्था, सामाजिक संदेश और कठिन पैदल यात्रा के इस संगम ने महंत रमेश चंद्र भगतजी की पदयात्रा को क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना दिया है।
