मुरादाबाद। मंडल में अधिकारियों द्वारा सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल रिसीव न करने और समय पर कार्यालय न पहुंचने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त सभागार में आयोजित विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि आमजन को विभागीय योजनाओं और सेवाओं से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें उदासीनता या ढिलाई सीधे-सीधे जवाबदेही तय करेगी।
108-102 एंबुलेंस, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि रिस्पॉन्स टाइम अनिवार्य रूप से निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और एंबुलेंस में उपलब्ध संसाधन पूरी तरह क्रियाशील रहें, ताकि मरीजों को समय पर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि कनेक्शन क्षमता वृद्धि और बिल भुगतान की प्रक्रिया में उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही झुके हुए विद्युत पोलों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।

128 ग्राम प्रधानों की जांच, IGRS और फार्मर रजिस्ट्री पर नाराजगी
मंडल में 128 ग्राम प्रधानों के विरुद्ध लंबित जांच प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिए गए।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और फीडबैक प्राप्त करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
फार्मर रजिस्ट्री में संभल और मुरादाबाद की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने एक सप्ताह के भीतर सभी जनपदों में प्रगति सुधारने के निर्देश दिए।
खेत तालाब योजना, कीटनाशी गुणवत्ता और भीख से सीख पहल
वर्षा जल संचयन के अंतर्गत खेत तालाब योजना में मुरादाबाद और रामपुर की धीमी गति पर सवाल उठाए गए।
कीटनाशी बिक्री केंद्रों पर गुणवत्ता नियंत्रण की समीक्षा में बिजनौर और अमरोहा की कमजोर कार्रवाई पर भी जवाब तलब किया गया।
संभल जिले में ‘भीख से सीख’ पहल के तहत 635 परिवारों के लगभग 250 बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के प्रयासों की मंडलायुक्त ने सराहना की और इसे अन्य जिलों में लागू करने के निर्देश दिए।

अवैध अस्पतालों, महिला शौचालय और आयुष्मान कार्ड पर सख्ती
पेट्रोल पंपों पर महिला शौचालय बंद रखने की शिकायतों पर एक सप्ताह में सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई।
अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर एफआईआर के साथ-साथ भवन मालिकों को भी कार्रवाई के दायरे में लाने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान कार्डों में फर्जीवाड़े को लेकर सभी सीएमओ को गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही पेयजल की नियमित गुणवत्ता जांच और नालों से गुजर रही पाइपलाइनों को हटाने पर जोर दिया गया।
वन संरक्षण, गौशाला और जर्जर सड़कों पर निर्देश
रामपुर के पीपली वन में खैर के पेड़ों के अवैध कटान पर वन विभाग को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गौशालाओं में हरे चारे और गोवंश स्वास्थ्य को लेकर मुख्यमंत्री स्तर के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया। जर्जर सड़कों, शहरी क्षेत्रों में फुटपाथ अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नियम विरुद्ध मातृत्व अवकाश पर नोटिस
बिजनौर में संविदा महिला चिकित्साधिकारी को नियम विरुद्ध मातृत्व अवकाश देने के मामले में मंडलायुक्त ने सीएमओ बिजनौर को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में एनआरएलएम, मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा अमृत सरोवर 2.0, आंगनवाड़ी निर्माण, सोशल ऑडिट, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, छात्रवृत्ति योजनाओं सहित अन्य विकास कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मुरादाबाद अनुज सिंह, रामपुर अजय कुमार द्विवेदी, बिजनौर जसजीत कौर, संभल राजेंद्र पैसिया, अमरोहा निधि गुप्ता वत्स सहित सभी सीडीओ और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
