नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला आम बजट 2026-27 आज संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट भाषण की शुरुआत करेंगी। यह बजट वर्ष 2024 में एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट होगा, जिसे आर्थिक स्थिरता और विकास की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
इस बजट के साथ निर्मला सीतारमण एक नया कीर्तिमान भी स्थापित करेंगी। वह लगातार नौवीं बार आम बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन जाएंगी। इससे पहले किसी भी महिला वित्त मंत्री ने इतने अधिक बजट पेश नहीं किए हैं।
आम बजट 2026 को लेकर मध्यम वर्ग, किसान, युवा, महिलाएं, उद्योग जगत और कारोबारी वर्ग सहित समाज के हर तबके में खासा उत्साह है। आम लोगों को जहां महंगाई से राहत और टैक्स ढांचे में सरलता की उम्मीद है, वहीं उद्योग जगत की निगाहें निवेश बढ़ाने और व्यापार को गति देने वाले ऐलानों पर टिकी हैं।
अर्थशास्त्रियों और नीति विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सरकार विकास के साथ सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश करेगी। बजट में कमजोर और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
इसके अलावा बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र, बुनियादी ढांचे के विकास, पूंजीगत खर्च (कैपेक्स), बिजली और ऊर्जा क्षेत्र तथा अफोर्डेबल हाउसिंग पर विशेष फोकस रहने कीme उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को तेज करना और दीर्घकालिक विकास को मजबूती देना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और घरेलू महंगाई को ध्यान में रखते हुए यह बजट न केवल आर्थिक सुधारों की दिशा तय करेगा, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की ज़िंदगी पर भी गहरा असर डालेगा। ऐसे में आज पेश होने वाला आम बजट 2026 देश की आर्थिक सेहत और भविष्य की नीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
