मुरादाबाद। मुगलपुरा थाना क्षेत्र से आई यह खबर केवल एक मौत नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता पर करारा तमाचा है। गुइयां बाग, अथर अली रोड निवासी बीएलओ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गुलनाज़ तबस्सुम की रविवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है।

ड्यूटी का बोझ, तनाव का कहर
रविवार दोपहर अचानक गुलनाज़ की तबीयत बिगड़ी। परिजन उन्हें आनन-फानन में सरकारी अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। लेकिन रात करीब 9 बजे उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
परिजनों का कहना है कि यह मौत बीमारी से नहीं, बल्कि लगातार मानसिक तनाव और अत्यधिक कार्यभार की वजह से हुई है।
छुट्टी मांगी, सिस्टम ने नज़रअंदाज़ किया
परिवार का आरोप है कि गुलनाज़ पर आंगनवाड़ी के साथ-साथ बीएलओ की जिम्मेदारी भी थोप दी गई थी। लगातार ड्यूटी, समयसीमा का दबाव और ऊपर से अधिकारियों का दबाव—इन सबने उनकी सेहत तोड़ दी।
कई बार अवकाश के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन संवेदनहीन व्यवस्था ने कोई सुनवाई नहीं की।
दो मासूम अनाथ, सवालों के घेरे में प्रशासन
पति मोहम्मद ताहिर मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। वर्ष 2010 में शादी हुई थी। आज 6 वर्षीय बेटा हमज़ा और बेटी सिदरा फातिमा मां की ममता से हमेशा के लिए वंचित हो गए। घर में मातम पसरा है, आंखें सवाल पूछ रही हैं।
यह मौत नहीं, सिस्टम की विफलता है
यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है। ज़मीनी कर्मचारियों से बिना आराम, बिना संवेदना सिर्फ काम की उम्मीद आखिर कब तक?
