लोकसभा में भारी हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब बुधवार (4 फरवरी, 2026) को नहीं हो सका।
- भाषण रद्द और सदन स्थगित: विपक्ष द्वारा 8 सांसदों के निलंबन और राहुल गांधी के भाषण से जुड़े विवादों को लेकर किए गए जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इस शोर-शराबे के बीच प्रधानमंत्री अपना संबोधन नहीं दे पाए।
- बिना भाषण के पारित होने की संभावना: सूत्रों के अनुसार, यह संभव है कि लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित करा दिया जाए।
- राज्यसभा में संबोधन: प्रधानमंत्री मोदी के अब गुरुवार (5 फरवरी, 2026) शाम 5 बजे राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने की संभावना है।
- सत्ता पक्ष का आरोप: बीजेपी सांसदों ने आरोप लगाया है कि विपक्ष की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की कुर्सी का घेराव किया और मारपीट के हाव-भाव दिखाए, जिस वजह से सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी।
- विपक्ष का पलटवार: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सच्चाई का सामना करने से “डर” रहे हैं और इसलिए सदन में नहीं आए।
