लोकसभा में 4 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान भारी हंगामा हुआ, जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना निर्धारित संबोधन नहीं दे पाए।
भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
- विपक्षी महिला सांसदों द्वारा घेराव: बीजेपी का दावा है कि विपक्ष की महिला सांसदों (जिनमें वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिमणि के नाम प्रमुख हैं) ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री की कुर्सी सहित सत्ता पक्ष की सीटों को ब्लॉक कर दिया और “Do what is right” लिखे बड़े बैनर दिखाए।
- हमले की योजना का आरोप: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़े और उनकी मंशा प्रधानमंत्री पर ‘हमला’ करने जैसी लग रही थी। उनका दावा है कि महिला सांसदों को रणनीतिक रूप से आगे रखा गया था ताकि हंगामा बढ़ाया जा सके।
- हंगामे का कारण: यह विरोध पिछले दिन 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन और राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंश पढ़ने से रोकने के विरोध में किया जा रहा था।
- विपक्ष का पलटवार: इसके विपरीत, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि प्रधानमंत्री “सच का सामना करने से डर रहे हैं” और इसलिए सदन में नहीं आए। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने महिला सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की।
