संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को एक बार फिर जोरदार हंगामा देखने को मिला। शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। हालांकि बाद में जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सरकार ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित करा लिया।
लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना था। तय कार्यक्रम के मुताबिक पीएम मोदी 4 फरवरी को शाम 5 बजे इस चर्चा का उत्तर देने वाले थे, लेकिन सदन में हुए हंगामे के कारण उनका संबोधन नहीं हो सका। इसके बाद यह संभावना जताई जा रही थी कि प्रधानमंत्री अगले दिन चर्चा का जवाब दे सकते हैं। हालांकि अब इन अटकलों पर विराम लग गया है। लगातार हंगामे के बीच प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने शोर-शराबे के बीच प्रस्ताव को वोटिंग के लिए रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ने पिछले दिन हुए हंगामे पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार सदन की गरिमा के खिलाफ है। वहीं जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 5 बजे राज्यसभा में संबोधन देंगे।
उधर राज्यसभा में भी माहौल गरम रहा। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी संसदीय नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
इसी बीच दोनों सदनों के विपक्षी दलों के फ्लोर नेताओं की बैठक संसद परिसर में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
