बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र स्थित पिपरिया गांव (घनघोरा पिपरिया) में शनिवार, 7 फरवरी 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर एक अवैध मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया।
1. मुख्य घटना और स्थान
यह कार्रवाई बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के घनघोरा पिपरिया गांव में हुई। यहां ‘मस्जिद-ए-आला हजरत’ नाम से पहचानी जाने वाली एक मस्जिद को प्रशासन ने दो बुलडोजरों की मदद से ढहा दिया।
2. कानूनी आधार और विवाद (2008 से संघर्ष)
- अवैध निर्माण: मस्जिद करीब 300 वर्ग गज सरकारी जमीन (ग्राम समाज की ‘बंजर’ श्रेणी 5 भूमि) पर बनी थी, जिसका गाटा संख्या 1474 है।
- लंबी अदालती लड़ाई: इस मस्जिद को लेकर साल 2008 से कानूनी विवाद चल रहा था। तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश दिए थे।
- हाईकोर्ट का हस्तक्षेप: मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने निर्माण को अवैध मानते हुए इसे हटाने का सख्त निर्देश दिया।
3. प्रशासनिक प्रक्रिया
- नोटिस: एसडीएम सदर प्रमोद कुमार के अनुसार, संबंधित पक्ष को अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार कानूनी नोटिस दिए गए थे, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया।
- ध्वस्तीकरण: शनिवार सुबह प्रशासनिक अमला राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचा और शांतिपूर्ण तरीके से ढांचा गिरा दिया।
4. सुरक्षा और माहौल
- छावनी में तब्दील: गांव में किसी भी हंगामे या सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया था।
- अधिकारियों की मौजूदगी: कार्रवाई के दौरान आला प्रशासनिक अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
5. अन्य हालिया कार्रवाई
यह कार्रवाई बरेली जिले में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है। हाल ही में प्रशासन ने रेलवे की जमीन पर बने 150 से अधिक अवैध घरों को भी हटाया है और मौलाना तौकीर रजा के करीबियों की संपत्तियों पर भी जांच चल रही है।
