मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) से पांच किशोर बंदियों के फरार होने की घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि सभी किशोर देर रात संप्रेक्षण गृह की छत के रास्ते कूदकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही संप्रेक्षण गृह प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फरार हुए किशोरों ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाया। घटना के बाद संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक मुकेश कुमार चौधरी की ओर से थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 11 लोगों को नामजद किया है, जिनमें फरार हुए पांच किशोरों के अलावा एक कांस्टेबल, तीन होमगार्ड तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, फरार हुए किशोरों में दो अमरोहा जनपद, एक मुरादाबाद और दो उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं। सभी किशोर विभिन्न आपराधिक मामलों में निरुद्ध थे और राजकीय संप्रेक्षण गृह में रखे गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और सीमावर्ती जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार किशोरों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
इस घटना ने संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और क्या इसमें अंदरूनी लापरवाही या मिलीभगत शामिल है।
प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। उच्चाधिकारियों द्वारा संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं, इस घटना से क्षेत्र में आम लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और फरार किशोरों की तलाश जारी है। खबर लिखे जाने तक पुलिस द्वारा दो किशोरों को पकड़े जाने की सूचना है। प्रकरण को लेकर आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
