उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना 10वां बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट पेश करते हुए इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया। इस बार बजट का कुल आकार करीब ₹9,12,696 करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
आर्थिक विकास और निवेश से जुड़े आंकड़े
सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। बजट भाषण में बताया गया कि प्रदेश में अब तक लगभग ₹15 लाख करोड़ का निवेश आया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश में मोबाइल निर्माण का बड़ा केंद्र बन चुका है और सरकार का दावा है कि देश के करीब 65 प्रतिशत मोबाइल फोन का उत्पादन यूपी में हो रहा है। सरकार का कहना है कि निवेश बढ़ने से प्रदेश में रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
कृषि और किसानों के लिए प्रावधान
प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की बड़ी भूमिका को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए कई घोषणाएं की हैं।
- गन्ना किसानों को राहत देते हुए गन्ने के मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
- सरकार ने गेहूं, धान और बाजरा की सरकारी खरीद व्यवस्था को जारी रखने और मजबूत करने का फैसला लिया है।
- किसानों को समय पर भुगतान और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के लाभ को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना बताया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश का ऐलान
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए करीब ₹1.06 लाख करोड़ का बजट प्रावधान किया है।
- छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए टैबलेट और तकनीकी संसाधनों को बढ़ावा देने की योजना है।
- मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
- स्कूल और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में निवेश से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
युवाओं और रोजगार से जुड़े आंकड़े
सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर खास ध्यान दिया है।
- सरकार ने विभिन्न योजनाओं के जरिए करीब 10 लाख रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
- स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं और फंड की व्यवस्था की गई है।
सरकार का दावा है कि निवेश और औद्योगिक विकास के जरिए युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बजट
सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग ₹50,550 करोड़ का प्रावधान किया है।
- मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीब और श्रमिक वर्ग को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी।
- नए अस्पतालों के निर्माण और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण योजनाएं
सरकार ने महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए कई घोषणाएं की हैं।
- गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए ₹1 लाख तक आर्थिक सहायता देने की योजना बनाई गई है।
- मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों के लिए आश्रय स्थल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
आधारभूत ढांचा और विकास परियोजनाएं
प्रदेश में सड़क, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बड़ी रकम का प्रावधान किया गया है।
- ऊर्जा क्षेत्र के लिए लगभग ₹61,070 करोड़ का बजट रखा गया है।
- नए एक्सप्रेसवे और सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा।
- स्मार्ट सिटी और शहरी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
तकनीकी विकास और नई पहल
सरकार ने तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाएं घोषित की हैं।
- प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी बनाने की योजना है।
- साइंस सिटी, डिजिटल लाइब्रेरी और टेक्नोलॉजी रिसर्च पार्क विकसित किए जाएंगे।
- स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड बनाया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाना और प्रदेश को आधुनिक बनाना है।
बजट का समग्र उद्देश्य
सरकार का कहना है कि यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और आम जनता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरकार का दावा है कि इस बजट से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकास को नई गति मिलेगी। वहीं विपक्ष ने बजट को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन सरकार इसे उत्तर प्रदेश के विकास का रोडमैप बता रही है।
