मुरादाबाद। बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कई वर्षों तक चली जांच और सुनवाई के बाद संयुक्त जांच कमेटी ने विधायक व उनके परिवार के ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक मोहम्मद फहीम मूल रूप से तुर्क जाति से संबंध रखते हैं, जबकि उन्होंने स्वयं को झोझा दर्शाते हुए ओबीसी श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। इसी आधार पर विभिन्न शासकीय लाभ भी लिए गए।
यह मामला वर्ष 2021 में लवलीन यादव नामक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गलत तथ्यों के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र जारी कराया गया है। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।
कई वर्षों तक चली सुनवाई और अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत 6 फरवरी 2026 को संयुक्त जांच कमेटी — जिसमें पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, उप जिलाधिकारी बिलारी, अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) एवं जिला अधिकारी मुरादाबाद शामिल थ, ने विधायक मोहम्मद फहीम, उनकी बहन समरीन, फरहीन सहित संबंधित परिजनों के ओबीसी जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का निर्णय लिया।
जांच समिति ने दस्तावेजों के सत्यापन, अभिलेखों के मिलान और स्थानीय स्तर पर पड़ताल के आधार पर यह कार्रवाई की। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर लिए गए शासकीय लाभों की भी समीक्षा की जाएगी और नियमों के अनुसार वसूली की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
अब प्रशासन इस बात की भी जांच करेगा कि आखिर किन परिस्थितियों में और किस स्तर पर इन प्रमाण पत्रों को जारी किया गया। संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच के संकेत दिए गए हैं।
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आगामी दिनों में इस प्रकरण को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
