मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी, पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को लोग अविश्वास और असुरक्षा के नजरिए से देखते थे, जिसकी बड़ी वजह पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियां थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया है और प्रदेश अब पिछड़ेपन की छवि से निकलकर तेज़ विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बढ़ते धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या और प्रयागराज में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उनके मुताबिक प्रदेश अब अशांति और उपद्रव नहीं, बल्कि आयोजनों और उत्सवों के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब यूपी में ना कर्फ्यू है ना दंगा है, सब चंगा है. प्रदेश में गुंडा टैक्स और जबरन वसूली जैसी घटनाएं खत्म हुई हैं और कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर मातृशक्ति के सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष का व्यवहार महिलाओं के सम्मान के खिलाफ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले प्रदेश में बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं और व्यापारी भय के कारण कारोबार समेटने को मजबूर होते थे, लेकिन अब स्थिति बदली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने ‘ट्रिपल टी’ यानी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन के मॉडल पर आगे बढ़ते हुए सुशासन स्थापित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार की स्पष्ट नीति और सामूहिक प्रयासों से प्रदेश ने विकास और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अपराधियों का दबदबा था और वे समानांतर व्यवस्था चलाते थे। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में शांति और धार्मिक पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि हाल के आयोजनों में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है, जो कानून व्यवस्था पर जनता के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
