मुरादाबाद रेलवे स्टेडियम में 11 जून 2019 को आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। उस दिन एक हरियाणवी डांसर के कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से अशोभनीय प्रस्तुति दिए जाने और भीड़ के बेकाबू होने का आरोप लगाया गया था।
बताया जाता है कि कार्यक्रम के दौरान भीड़ उत्तेजित हो गई थी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई दर्शकों के घायल होने की बात भी सामने आई थी। आरोप यह भी लगाए गए कि देर रात तक डीजे बजाया गया, जिससे शोर-शराबे को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के उल्लंघन की बात कही गई। कार्यक्रम के चलते शहर में जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी।
इन घटनाओं से नाराज होकर गायत्री नगर निवासी और अपना दल कमेरावादी के मंडल अध्यक्ष डा. रामेश्वर प्रसाद तुरैहा ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र दिया था। उन्होंने सिविल लाइंस थाने के एसओ और एसएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए डॉ. तुरैहा ने अपने अधिवक्ता वैभव अग्रवाल के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुरादाबाद की अदालत में वाद दायर किया। यह मामला वर्तमान में अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कोर्ट संख्या 5 में विचाराधीन है।
आज मामले की सुनवाई निर्धारित थी, जिसमें अगली और अंतिम बहस के लिए 13 अप्रैल की तारीख तय की गई है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत में अंतिम दलीलें पेश की जाएंगी।
यह मामला न केवल प्रशासनिक जवाबदेही बल्कि सार्वजनिक आयोजनों में नियमों के पालन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
