ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका दाखिल की है।
इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- मामला: प्रयागराज के झूंसी थाने में उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और यौन उत्पीड़न की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
- आरोप: शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी का आरोप है कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों ने नाबालिगों के साथ यौन शोषण किया।
- कोर्ट का आदेश: यह FIR प्रयागराज की विशेष पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर 21 फरवरी 2026 को दर्ज की गई थी।
- बचाव पक्ष: अविमुक्तेश्वरानंद के वकीलों (राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश) ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि जब तक जांच जारी है, उन्हें गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जाए।
- शंकराचार्य का पक्ष: उन्होंने इन आरोपों को “निराधार” और एक गहरी “साजिश” करार दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है।
