पटियाला स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (RGNUL) की अकादमिक काउंसिल ने 28 फरवरी, 2026 को विश्वविद्यालय के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
- नया प्रस्तावित नाम: अकादमिक काउंसिल ने संस्थान का नाम बदलकर केवल ‘नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी’ करने की सिफारिश की है।
- मंजूरी की प्रक्रिया: कुलपति प्रो. जयशंकर सिंह ने पुष्टि की है कि काउंसिल से पारित होने के बाद इस प्रस्ताव को अब विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) और पंजाब सरकार के पास अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा गया है।
- नाम बदलने का कारण: अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पिछले साल नवंबर में यह मांग उठाई थी। उनका तर्क था कि 1984 के सिख-विरोधी दंगों के लिए नैतिक जिम्मेदारी के कारण राजीव गांधी का नाम विश्वविद्यालय से जुड़े रहना सिख समुदाय का अपमान है।
- राजनीतिक विरोध: पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं के ध्रुवीकरण का प्रयास बताया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना 2006 में पंजाब विधानसभा द्वारा पारित ‘राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पंजाब अधिनियम’ के तहत की गई थी।
