नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को भले ही यह संदेश दे रहे हों कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन वास्तविकता यह है कि खुद प्रधानमंत्री अलग-अलग मुद्दों को लेकर घबराए हुए नजर आ रहे हैं।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार देश को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन उनके व्यवहार से ऐसा नहीं लगता। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संसद के भीतर आकर इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने से बच रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दो प्रमुख मामलों को लेकर दबाव में हैं। पहला मामला उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़ा है, जिसे लेकर विपक्ष लंबे समय से सवाल उठाता रहा है। राहुल गांधी का आरोप है कि अदाणी समूह से जुड़े मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है और पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही है।
राहुल गांधी ने दूसरा मुद्दा अमेरिका में सामने आए तथाकथित एपस्टीन फाइल्स से जुड़े खुलासों का उठाया। उन्होंने कहा कि इन फाइलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं और इससे भी प्रधानमंत्री पर दबाव बढ़ रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक, इन दोनों मामलों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी असहज महसूस कर रहे हैं और इसी कारण संसद के भीतर आकर चर्चा करने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री देश से कह रहे हैं कि घबराइए मत, लेकिन सच यह है कि खुद प्रधानमंत्री घबराए हुए हैं। अगर सरकार के पास जवाब हैं तो प्रधानमंत्री को संसद में आकर खुलकर बात करनी चाहिए।”
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि विपक्ष बिना ठोस आधार के आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
