श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने 20 मार्च 2026 को संसद में यह स्पष्ट किया कि उनके देश ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मत्ताला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Mattala International Airport) पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि श्रीलंका अपनी तटस्थता की नीति पर कायम रहेगा और अपनी भूमि का उपयोग किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए नहीं होने देगा।
- अमेरिकी अनुरोध: अमेरिका ने जिबूती (Djibouti) बेस से आने वाले अपने दो लड़ाकू विमानों को 4 और 8 मार्च 2026 के बीच लैंडिंग की अनुमति मांगी थी। ये विमान कथित तौर पर 8-8 एंटी-शिप मिसाइलों से लैस थे।
- तटस्थता का रुख: राष्ट्रपति दिसानायके ने कहा कि श्रीलंका पर कई तरह के भू-राजनीतिक दबाव हैं, लेकिन वह किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि उसी दिन ईरान ने भी अपने तीन युद्धपोतों के लिए पोर्ट कॉल की अनुमति मांगी थी, जिसे भी श्रीलंका ने ठुकरा दिया था।
- क्षेत्रीय तनाव: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने श्रीलंकाई तट के पास एक ईरानी युद्धपोत (IRIS Dena) को डुबो दिया था, जिसके बाद श्रीलंका ने मानवीय आधार पर उसके बचे हुए नाविकों को बचाया था।
- राजनयिक बैठक: यह बयान राष्ट्रपति दिसानायके और अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर के बीच हुई मुलाकात के एक दिन बाद आया है, जिसमें समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता पर चर्चा हुई थी।
