21 मार्च 2026 को भारत के विभिन्न हिस्सों में ईद-उल-फितर के अवसर पर विरोध प्रदर्शन और विशेष प्रार्थनाओं की खबरें सामने आई हैं। ये घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय तनाव और स्थानीय राजनीतिक मुद्दों से प्रेरित रहे।
भोपाल: ‘अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद’ के नारे
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद और उससे पहले ‘अलविदा जुमे’ की नमाज के दौरान प्रदर्शन देखने को मिला।
- विरोध का कारण: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मृत्यु और मध्य-पूर्व में जारी युद्ध (अमेरिका-इजराइल स्ट्राइक्स) के विरोध में शिया समुदाय और अन्य मुस्लिम समूहों ने प्रदर्शन किया।
- नारेबाजी: नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” और इजरायली प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए।
- काली ईद: मुस्लिम त्योहार कमेटी और शिया समुदाय ने इस साल ईद को ‘काली ईद’ के रूप में मनाने का आह्वान किया, जिसमें नए कपड़े न पहनने और सादगी से नमाज अदा करने की अपील की गई थी।
राजस्थान: काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
राजस्थान (विशेषकर जयपुर और आमेर) में भी ईद के दिन मातम और विरोध का माहौल रहा।
- काली पट्टी: शिया समुदाय के हजारों लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
- कारण: यह विरोध अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने और मध्य-पूर्व में अमेरिका व इजराइल की नीतियों के खिलाफ था।
- सादगी: समुदाय ने घोषणा की कि इस बार ईद पर न तो सेवइयां बनेंगी और न ही कोई जश्न मनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल: प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ स्थल पर नमाज
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक महत्वपूर्ण धार्मिक और राजनीतिक घटनाक्रम हुआ।
- पहली बार नमाज: मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ के मैदान पर पहली बार ईद की नमाज अदा की गई।
- भारी भीड़: इस ऐतिहासिक आयोजन में मुर्शिदाबाद के अलावा बीरभूम, नदिया और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचे।
- आयोजक: इस मस्जिद की नींव निलंबित टीएमसी विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने रखी थी, जिन्होंने दूरभाष के माध्यम से सभा को संबोधित किया।
ये प्रदर्शन केवल मध्य प्रदेश और राजस्थान तक सीमित नहीं थे; जम्मू-कश्मीर, लखनऊ और पंजाब में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं आयोजित की गईं।
