पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर विस्तृत बयान दिया। करीब तीन हफ्तों से अधिक समय से चल रही इस जंग के बीच उनका यह संबोधन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति गंभीर बनी हुई है और भारत पर इसके प्रभाव को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए भारत अलग-अलग देशों से संपर्क में है। पहले जहां 27 देशों से आयात होता था, अब उसे बढ़ाकर 41 देशों तक किया गया है ताकि किसी भी तरह की कमी न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि देश में ऊर्जा संकट पैदा न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री S. Jaishankar पहले ही संसद को स्थिति से अवगत करा चुके हैं। वैश्विक स्तर पर भी सभी देश इस संघर्ष के जल्द समाधान की अपील कर रहे हैं क्योंकि इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां करीब एक करोड़ भारतीय काम करते हैं और कई जहाजों पर भारतीय क्रू भी तैनात हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है।
सरकार ने 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की है और विदेशों में मौजूद भारतीयों को हर संभव सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद कई देशों के नेताओं से बातचीत कर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की है।
उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल और उर्वरक जैसी अहम चीजों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार स्थिति को संभालने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इस पूरे मामले पर नजर रखने के लिए एक विशेष समूह बनाया गया है, जो रोजाना हालात की समीक्षा करता है।
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने हालात की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक भी की थी, जिसमें ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने साफ कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता रहा है और ऊर्जा संकट को लेकर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन सरकार का पक्ष स्पष्ट करने के साथ-साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब भी है।
