उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ और लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन और तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पैनिक बाइंग और भीड़ के मुख्य कारण
- सोशल मीडिया की अफवाहें: व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म पर ईंधन की कमी और संभावित कीमतों में वृद्धि की गलत सूचनाएं फैलने से लोग डर गए हैं।
- पश्चिम एशिया संघर्ष: ईरान-इजरायल/अमेरिका युद्ध की खबरों के कारण वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने भी लोगों को प्रभावित किया है।
- भुगतान नियमों में बदलाव: तेल कंपनियों द्वारा डीलरों के लिए क्रेडिट सिस्टम बंद कर ‘एडवांस पेमेंट’ अनिवार्य करने से आपूर्ति की गति पर कुछ प्रभाव पड़ा है।
- अत्यधिक मांग: सामान्य से 3-4 गुना अधिक लोग पेट्रोल भरवाने पहुँच रहे हैं, जिससे पंपों का दैनिक स्टॉक जल्दी समाप्त हो रहा है।
प्रभावित जिले और वर्तमान स्थिति
- प्रयागराज, गोंडा, हापुड़, और देवरिया: इन जिलों में लोग बड़े डिब्बों और ड्रमों में तेल भरते देखे गए हैं।
- सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, और बस्ती: यहाँ भी पंपों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
- प्रशासनिक कदम: गोरखपुर, गोंडा और देवरिया के जिलाधिकारियों (DM) ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांत रहने की अपील की है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आधिकारिक आश्वासन
यूपी सरकार और इंडियन ऑयल (IOCL) के अनुसार:
- प्रदेश में 20 से 22 दिनों का अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल स्टॉक मौजूद है।
- आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह सुचारु है और डिपो से निरंतर लोडिंग हो रही है।
- जनता से केवल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करने का अनुरोध किया गया है।
