पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी पारा चढ़ा हुआ है, और इसी बीच एक बड़ी ‘वाइल्ड कार्ड एंट्री’ ने माहौल गरमा दिया है। भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी Leander Paes ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया। केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju की मौजूदगी में उनका पार्टी में स्वागत हुआ। माना जा रहा है कि यह कदम बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक दांव है, खासकर तब जब पेस पहले All India Trinamool Congress से जुड़े रहे हैं और 2021 में Mamata Banerjee की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हुए थे।
बीजेपी की नजर खासतौर पर कोलकाता और आसपास के शहरी इलाकों पर है, जहां टीएमसी की पकड़ मजबूत मानी जाती है। ऐसे में पेस जैसे लोकप्रिय और साफ छवि वाले चेहरे को सामने लाकर पार्टी मध्यवर्ग और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। कोलकाता में जन्मे पेस को शहर का आइकॉन माना जाता है, जिससे स्थानीय कनेक्शन भी मजबूत होता है।
ममता बनर्जी अक्सर बीजेपी को ‘बाहरी’ पार्टी बताती रही हैं। ऐसे में पेस जैसे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले चेहरे के जरिए बीजेपी इस धारणा को बदलने की कोशिश में है। उनका पार्टी बदलना टीएमसी के लिए राजनीतिक और व्यक्तिगत, दोनों स्तर पर झटका माना जा रहा है। खासकर दक्षिण कोलकाता और जादवपुर जैसे शहरी इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
टीएमसी ने 2021 में पेस को ‘ग्लोबल बंगाली’ के रूप में पेश किया था, लेकिन अब उनका बीजेपी में जाना यह संकेत देता है कि पार्टी के कुछ बड़े चेहरे उससे दूर हो रहे हैं। बंगाल में खेलों का खासा प्रभाव है, खासकर फुटबॉल और टेनिस का। ऐसे में बीजेपी पेस के जरिए खेल जगत के अन्य नामी चेहरों को भी जोड़ने की रणनीति पर काम कर सकती है।
खेल उपलब्धियों की बात करें तो लिएंडर पेस का करियर बेहद शानदार रहा है। 1996 Atlanta Olympics में उन्होंने टेनिस सिंगल्स में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इसके अलावा उन्होंने कुल 18 ग्रैंड स्लैम खिताब (8 मेंस डबल्स और 10 मिक्स्ड डबल्स) अपने नाम किए हैं। उन्हें ‘राजीव गांधी खेल रत्न’, ‘पद्म श्री’ और ‘पद्म भूषण’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।
