आम आदमी पार्टी में जारी अंदरूनी खींचतान थमती नजर नहीं आ रही है। इसी बीच राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने एक नया वीडियो जारी कर पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों पर खुलकर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एक “स्क्रिप्टेड कैंपेन” चलाया जा रहा है, जिसमें एक जैसी भाषा और आरोपों का इस्तेमाल हो रहा है। उनका कहना है कि इन्हीं आरोपों के चलते उन्हें संसद में बोलने से रोका गया।
पहले आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि वह विपक्ष के वॉकआउट के दौरान सदन में बैठे रहते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अगर ऐसा कोई एक भी मौका है, तो पार्टी सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसे सामने लाकर दिखाए।
दूसरे आरोप पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनसे किसी भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए न तो औपचारिक और न ही अनौपचारिक रूप से कहा गया। उन्होंने बताया कि राज्यसभा में ऐसे प्रस्ताव के लिए 50 हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, जबकि विपक्ष के पास 100 से अधिक सांसद हैं।
तीसरे आरोप—कि वह डर गए हैं और बेकार मुद्दे उठा रहे हैं—पर उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संसद में शोर-शराबा करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, पंजाब के पानी, दिल्ली के प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को मजबूती से उठाया है।
वीडियो के अंत में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन वह हर आरोप का जवाब देंगे। उन्होंने कहा, “मुझे खामोश करने की कोशिश की गई है, लेकिन मैं रुका नहीं हूं… घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
गौरतलब है कि Aam Aadmi Party ने हाल ही में संगठनात्मक बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह Ashok Mittal को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह भी अनुरोध किया गया कि चड्ढा को संसद में बोलने का समय न दिया जाए।
