भोजपुर। करीब दो दशक से अधिक समय तक दबा रहा जमीन हड़पने का एक गंभीर मामला अब खुलकर सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर भोजपुर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, जान से मारने की धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

पीड़ित रामस्वरूप पुत्र बब्बन, निवासी मोहल्ला वाल्मीकि बस्ती, भोजपुर ने एसएसपी को दी तहरीर में बताया कि वह अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) से संबंध रखता है और आर्थिक रूप से कमजोर है। उसकी कृषि भूमि मुरादाबाद-टिहरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्यागी पेट्रोल पंप के सामने स्थित है, जिसमें गाटा संख्या 502/2 (रकबा 0.101 हेक्टेयर), 1211/8 (रकबा 0.114 हेक्टेयर) और 1211/6 (रकबा 0.097 हेक्टेयर) शामिल हैं।
ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र
तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से गरीब दलित परिवार को निशाना बनाया। उन्होंने सुअर पालन के लिए बैंक से ऋण दिलाने का झांसा देकर विश्वास में लिया। इसके बाद वर्ष 2001 में छल-कपट और धोखाधड़ी से कुछ कागजातों पर रामस्वरूप के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवा लिए। बाद में इन्हीं कागजातों के आधार पर 7 जून 2001 को जमीन का बयनामा अपने पक्ष में पंजीकृत करा लिया।

ये हैं सभी 10 नामजद आरोपी
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में निम्नलिखित आरोपियों को नामजद किया गया है :
- मोहम्मद सिद्दीक पुत्र मोहम्मद यासीन
- मोहम्मद यासीन पुत्र अब्दुल अजीज
- जमील पुत्र मोहम्मद यासीन
- रईस पुत्र मोहम्मद यासीन
- मोहम्मद हनीफ पुत्र मोहम्मद यासीन
(सभी निवासी मोहल्ला कसाईबाड़ा, जामा मस्जिद, भोजपुर) - रजा अहमद खान पुत्र मुख्त्यार अहमद खान
- राशिद खान पुत्र मुख्त्यार अहमद खान
- राशिद पुत्र अब्दुल गफ्फार
- शकील पुत्र अब्दुल हकीम
- शाकिर पुत्र साबिर
(निवासी मोहल्ला फतेहउल्लागंज, ठाकुरद्वारा)
पीड़ित का आरोप है कि सभी आरोपी संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए भूमाफिया प्रवृत्ति के हैं और उन्होंने उसकी जमीन हड़पने के लिए षड्यंत्र रचा।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
रामस्वरूप का कहना है कि जब उसे फर्जी बयनामे की जानकारी हुई तो उसने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन प्रभावशाली और दबंग आरोपियों के चलते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
अब पुलिस ने कसा शिकंजा
एसएसपी के आदेश पर प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जान से मारने की धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीओ स्तर पर जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा आशीष प्रताप सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी@जफर-INN
