मुरादाबाद। सोशल मीडिया के जरिए भ्रम और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या शरारत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुज सिंह द्वारा जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि जिले में शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जा रही है।
प्रशासन ने व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और विभिन्न वेबसाइट्स पर सक्रिय लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना सत्यापन के किसी भी खबर को शेयर करना अब भारी पड़ सकता है। खासतौर पर वे लोग जो जानबूझकर भ्रामक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं या बिना जांचे-परखे संदेश आगे बढ़ा रहे हैं, उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशों में यह भी रेखांकित किया गया है कि फर्जी और भ्रामक खबरें जितनी तेजी से फैलती हैं, उतनी ही तेजी से समाज में भ्रम और तनाव पैदा करती हैं। ऐसे में अब प्रशासन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। यूट्यूब चैनलों, फेसबुक पेजों, वेबसाइट संचालकों और व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन्स को चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि “पहले सत्यापन, फिर प्रसारण”
अन्यथा “अफवाह फैलाने पर सीधे कानूनी कार्रवाई”।
आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनें और किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें, अन्यथा अनजाने में भी कानून के शिकंजे में फंस सकते हैं।
