संभल : जिले के असमोली थाना क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम समाज की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन की सख्ती का असर यह है कि बिना बुलडोजर के ही स्थानीय लोग स्वयं अपने अवैध निर्माण हटाने में जुट गए हैं।

हाल ही में राजस्व विभाग द्वारा गाटा संख्या 623 (खाद के गड्ढों के लिए सुरक्षित भूमि) और गाटा संख्या 630 (खेल मैदान) की पैमाइश कराई गई थी। जांच के दौरान इन जमीनों पर मदरसा, मस्जिद समेत अन्य निर्माण पाए गए, जिन्हें नियम विरुद्ध माना गया। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित पक्षों को आठ दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया था।

निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई। शुक्रवार को गौसूल मदरसा और उससे जुड़े मस्जिद के अवैध हिस्से को हटाया जाने लगा। साथ ही कई दुकानदारों और मकान मालिकों ने भी खुद ही अपने अवैध हिस्सों को गिराना शुरू कर दिया। इससे पूरे गांव में हलचल का माहौल बना रहा।

बताया जा रहा है कि प्रभावित लोगों ने पहले ही अपने प्रतिष्ठानों से सामान हटा लिया और फिर स्वेच्छा से ढांचे को तोड़ना शुरू कर दिया। इस कार्रवाई की जद में हामिद, अफजल, शाने आलम, फरमान और अजगर जैसे लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ स्कूल भी इस दायरे में आए हैं, जिन पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, अवैध कब्जों की जानकारी मिलने पर नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर जेसीबी मशीन भी मंगाई गई है, ताकि शेष अतिक्रमण को जल्द हटाया जा सके। फिलहाल मकानों और दुकानों की स्थिति की जांच जारी है।

कुल मिलाकर, यह कार्रवाई प्रशासन के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जहां लोगों ने नोटिस के बाद खुद ही सरकारी जमीन खाली करना शुरू कर दिया है।
