चुनावी माहौल के बीच चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे विवाद और गहरा गया है।
TMC के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि बैठक के दौरान उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें बीच में ही बाहर जाने के लिए कहा गया। वहीं, आयोग के सूत्रों का दावा है कि TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बैठक में ऊंची आवाज में बात की, CEC को बोलने से रोका और कथित तौर पर धमकी भी दी।
करीब 6 मिनट चली इस बैठक में TMC ने ममता बनर्जी द्वारा लिखे गए 9 पत्रों का जवाब न मिलने और नंदीग्राम में अधिकारियों की कथित गतिविधियों का मुद्दा उठाया, लेकिन उनका कहना है कि आयोग ने इन सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
विवाद इतना बढ़ा कि TMC प्रतिनिधिमंडल ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद पार्टी नेताओं ने CEC पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “क्रिमिनल” तक कह दिया और 7 मिनट की बैठक का वीडियो सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि TMC प्रतिनिधिमंडल का रवैया आक्रामक था और उन्होंने बातचीत का माहौल खराब किया। आयोग का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की जा रही है।
अब यह विवाद राजनीतिक स्तर पर और तेज हो गया है। विपक्षी गठबंधन INDIA गठबंधन ने इस मुद्दे पर आज शाम 4:45 बजे कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का ऐलान किया है, जहां CEC के खिलाफ महाभियोग जैसे कदमों पर भी चर्चा हो सकती है।
कुल मिलाकर, चुनाव आयोग और TMC के बीच बढ़ता यह टकराव अब सियासी घमासान का रूप ले चुका है और आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
