मुरादाबाद। शहर के लालबाग स्थित प्राचीन काली मंदिर एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। मंदिर के महंत सज्जन गिरी और रामगिरी पर अनैतिक व अवांछित गतिविधियों के गंभीर आरोप लगते रहे हैं, जिनको लेकर लंबे समय से श्रद्धालु जूना अखाड़ा में शिकायतें दर्ज करा रहे थे। अब इन आरोपों ने तूल पकड़ लिया है।
इन्हीं लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जूना अखाड़ा ने सख्त रुख अपनाते हुए अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता महाराज शिवेंद्र जी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय जांच दल को बुधवार को मंदिर भेजा। दल ने मौके पर पहुंचकर मंदिर की व्यवस्थाओं, गतिविधियों और महंतों के आचरण को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं व भक्तों से विस्तृत जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए महाराज शिवेंद्र जी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपनी शिकायतों को औपचारिक रूप दें। उन्होंने कहा कि पीड़ित या जानकारी रखने वाले लोग ₹10 के स्टांप पेपर पर व्यक्तिगत अथवा ₹100 के स्टांप पेपर पर सामूहिक रूप से महंत सज्जन गिरी और रामगिरी के खिलाफ लिखित शिकायत जूना अखाड़ा को सौंप सकते हैं, ताकि निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

महाराज शिवेंद्र जी ने बताया कि जांच दल द्वारा एकत्रित सभी तथ्यों को अखाड़े के अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद अखाड़ा परिषद मंदिर की व्यवस्थाओं और महंतों की भूमिका पर अंतिम निर्णय लेगा। संकेत साफ हैं कि यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो सख्त कार्रवाई संभव है।

उधर, जांच दल के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

गौरतलब है कि मंदिर की वर्तमान स्थिति और दोनों महंतों की कार्यशैली को लेकर शहर में पहले से ही तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। अब जूना अखाड़ा की सक्रियता के बाद यह मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की नजर अब अखाड़ा परिषद के अंतिम फैसले पर टिकी है, जो मंदिर की व्यवस्था और प्रबंधन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
