मुरादाबाद/प्रयागराज। लालबाग स्थित प्राचीन श्री काली माता मंदिर को लेकर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नई नियुक्तियां और स्थानांतरण लागू कर दिए हैं। अखाड़ा की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में मंदिर प्रबंधन, पुजारियों की नियुक्ति और शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विस्तृत खुलासा किया गया है।
विज्ञप्ति के अनुसार, श्री काली माता जी मंदिर, लालबाग का प्रबंधन व कारोबारी महंत के रूप में महंत महाकाल गिरी महाराज एवं महंत हितेश्वर गिरी महाराज को नियुक्त किया गया है।

वहीं मंदिर परिसर के अधीनस्थ स्थलों में भी स्पष्ट जिम्मेदारियां तय की गई हैं। नीचे वाले मंदिर के मुख्य पुजारी महंत वशिष्ठ गिरी महाराज व ऊपर वाले मंदिर के मुख्य पुजारी महंत इच्छाधारी महाराज को नियुक्त किया गया है।

जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी महाराज ने बताया कि महासभा के निर्णय के अनुसार प्रबंधक व कारोबारी महंतों की नियुक्ति के तहत मंदिर की संपूर्ण व्यवस्था आरती, पूजा और प्रशासन श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा (13 मणि) के अधीन संचालित रहेगी।
सज्जन गिरी और रामगिरी का स्थानांतरण
विज्ञप्ति में बताया गया है कि ऊपर वाले मंदिर के महंत सज्जन गिरी महाराज नीचे वाले मंदिर के महंत रामगिरी महाराज दोनों का स्थानांतरण प्रयागराज कर दिया गया है। सज्जन गिरी को जूना अखाड़ा दशाश्वमेध घाट, प्रयागराज भेजा गया है। जबकि
रामगिरी महाराज का स्थानांतरण दत्त मंदिर, जूना अखाड़ा, प्रयागराज में किया गया है।

शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण गिरी महाराज के अनुसार, मुरादाबाद से श्रद्धालुओं द्वारा महंत सज्जन गिरी और महंत रामगिरी के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरी गिरी महाराज ने दोनों महंतों को कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन उनके आचरण में सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद बुधवार को जूना अखाड़ा के 25 सदस्यीय दल ने लालबाग स्थित काली माता मंदिर का दौरा किया, सभी पक्षों को सुना और अपनी रिपोर्ट जूना अखाड़ा महासभा को सौंप दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर नई नियुक्तियां और स्थानांतरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। गुरुवार को पूरे प्रकरण के दौरान प्राचीन श्री काली माता बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहा।

अखाड़ा का आधिकारिक रुख
अखाड़ा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियां महासभा के निर्णय और परंपरागत नियमों के तहत की गई हैं तथा मंदिर की समस्त धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्था अब नई नियुक्त टीम के अधीन संचालित होगी।
जूना अखाड़ा की इस कार्रवाई के बाद लालबाग काली माता मंदिर में प्रबंधन से लेकर पूजा व्यवस्था तक पूरी तरह नई टीम को जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जबकि शिकायतों में घिरे दोनों महंतों को प्रयागराज स्थानांतरित कर दिया गया।
