मुरादाबाद। जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने कलेक्ट्रेट परिसर और विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, संसाधनों के रखरखाव और कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीरता दिखाई तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट परिसर में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्वच्छता व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि परिसर में कहीं भी गंदगी नजर नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कार्यालयों में अव्यवस्थित तरीके से लटक रहे विद्युत, कंप्यूटर और इंटरनेट के तारों पर नाराज़गी जताते हुए उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित कराने के निर्देश दिए।

फर्नीचर की खराब स्थिति पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देशित किया कि जर्जर और अनुपयोगी फर्नीचर को तत्काल निष्प्रयोज्य घोषित कर नया फर्नीचर क्रय किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी कार्यालयों में फर्नीचर की एकरूपता बनी रहे, जिससे कार्यस्थल का स्वरूप व्यवस्थित और पेशेवर दिखे।

निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त दरवाजों और दीवारों की मरम्मत को लेकर भी उन्होंने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कलेक्ट्रेट में आने वाले आमजन को बेहतर सुविधाएं और सुव्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए, इसके लिए आवश्यक कार्यों हेतु परिषद से बजट उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव भेजा जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने विकास भवन पहुंचकर जिला विकास अधिकारी कार्यालय, मनरेगा कार्यालय सहित विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। यहां भी उन्होंने साफ-सफाई और कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, जॉइंट मजिस्ट्रेट सुश्री शक्ति दुबे समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

संदेश साफ है – लापरवाही बर्दाश्त नहीं, व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त।
