मुरादाबाद। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग मुरादाबाद ने जिले में कुपोषण को जड़ से खत्म करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 7 मई की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जिले में तीन प्रमुख योजनाओं—अनुपूरक पुष्टाहार, हॉट कुक्ड मील और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)—के माध्यम से लाखों लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो सिर्फ अनुपूरक पुष्टाहार वितरण के तहत 6 माह से 3 वर्ष के 1,47,913 और 3 से 6 वर्ष के 74,550 बच्चों के साथ-साथ 42,584 गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 32,103 नौनिहाल हॉट कुक्ड मील योजना का स्वाद और सेहत पा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 और वर्तमान 2026-27 को मिलाकर 7 हजार से अधिक महिलाओं ने मातृ वंदना योजना का आर्थिक अनुदान प्राप्त किया है। इन जमीनी प्रयासों ने मुरादाबाद को विकास और स्वास्थ्य के पैमाने पर एक नई पहचान दी है।
अनुपूरक पुष्टाहार से सेहतमंद हो रहा बचपन
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित अनुपूरक पुष्टाहार योजना कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ एक बड़ा हथियार साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को घर ले जाने वाला राशन (टेक-होम राशन) और पौष्टिक आहार वितरित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की लंबाई और वजन की नियमित निगरानी करते हुए गंभीर कुपोषित बच्चों को विशेष पोषण सहायता प्रदान करना है। उत्तर प्रदेश में करोड़ों बच्चे और महिलाएं इस योजना से जुड़े हैं, जहां अब बायोमेट्रिक और पोषण ट्रैकर जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से वितरण की पारदर्शी निगरानी की जा रही है, ताकि हर पात्र को उसका हक मिल सके।
हॉट कुक्ड मील योजना से संवर रहा नौनिहालों का भविष्य
आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए हॉट कुक्ड मील योजना एक वरदान बन गई है। जिले में 32,103 बच्चों को प्रतिदिन उनकी उपस्थिति के आधार पर गरमा-गरम और ताजा पका हुआ संतुलित भोजन परोसा जा रहा है। यह भोजन न केवल बच्चों में प्रोटीन, आयरन और ऊर्जा की कमी को दूर कर उनके शारीरिक व मानसिक विकास को गति दे रहा है, बल्कि इससे केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति में भी भारी इजाफा हुआ है। इस पहल से कुपोषण के खिलाफ जंग तो मजबूत हो ही रही है, साथ ही भोजन पकाने के कार्य से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों को भी स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बनी गर्भवती महिलाओं का संबल
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक और पोषण सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बेहतरीन नतीजे सामने आ रहे हैं। इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं के पंजीकरण पर प्रोत्साहन राशि के रूप में 5000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते (डीबीटी) में भेजे जाते हैं, जो 3000 और 2000 रुपये की दो किश्तों में मिलते हैं। वहीं, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर 6000 रुपये की एकमुश्त धनराशि दी जा रही है।
मुरादाबाद में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6204 और 2026-27 में अब तक 853 महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है। 19 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं (जो नियमित सरकारी सेवा में नहीं हैं) आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य केंद्र पर अपना आधार कार्ड, बैंक खाता और गर्भावस्था पंजीकरण दस्तावेज जमा कर आसानी से इस योजना से जुड़कर प्रसव पूर्व जांच और बेहतर पोषण का लाभ उठा रही हैं।
