भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में नवविवाहिता ट्विशा शर्मा की मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। ट्विशा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उनकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी एडवोकेट समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ का परिवार न्यायिक सेवा से जुड़ा हुआ है और उनके माता-पिता दोनों रिटायर्ड जज हैं। मामले ने तब तूल पकड़ा जब नोएडा से पहुंचे मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। शादी के बाद वह भोपाल में पति के साथ रह रही थीं। मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में तैनात हैं, ने बताया कि घटना से पहले ट्विशा ने उन्हें फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। उसने कहा था कि पति की प्रताड़ना से वह मानसिक तनाव में थी और भोपाल छोड़कर मायके लौटना चाहती थी।
परिजनों का कहना है कि ट्विशा ने नोएडा लौटने के लिए रेलवे टिकट भी बुक करा लिया था, लेकिन उससे पहले ही उसने यह कदम उठा लिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। परिवार के मुताबिक, शादी के बाद ट्विशा ने भोपाल में रहने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद पति और ससुराल पक्ष उस पर नई नौकरी करने का दबाव बना रहे थे, जिसको लेकर अक्सर विवाद होता था।

परिजनों ने यह भी दावा किया कि मार्च में ट्विशा की अनप्लांड प्रेग्नेंसी हुई थी। परिवार का आरोप है कि वह उस समय मां बनने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन उस पर बच्चे को लेकर दबाव बनाया जा रहा था।
घटना के बाद ट्विशा का पोस्टमार्टम एम्स भोपाल में कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वहीं भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि नवविवाहिता की मौत से जुड़े मामलों में हर पहलू और साक्ष्य की गंभीरता से जांच की जाती है। पुलिस के अनुसार, जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
