मुरादाबाद। गांवों को साफ-सुथरा, आदर्श और विवाद-मुक्त बनाने के लिए मुरादाबाद प्रशासन ने एक नई और आसान पहल शुरू की है। प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी सफाई कर्मियों के भरोसे पूरे गांव की सफाई मुमकिन नहीं है, इसके लिए गांव वालों का साथ बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘कचरे से कंचन’ (वेस्ट टू वेल्थ) की मुहिम शुरू की गई है, जिसके तहत घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए हर परिवार से रोज़ाना मात्र 1 रुपये (यानी महीने के 30 रुपये) का सहयोग मांगा गया है।
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने तहसील ठाकुरद्वारा का ग्राम वीरूवाला गांव गोद लिया है। जिलाधिकारी अपने गोद लिए गांव पहुंचे और वहां की व्यवस्थाएं और जरूरतों को लेकर ग्रामीण जनों के साथ चर्चा भी की।

भविष्य में आत्मनिर्भर बनेंगे गांव, इसलिए उठाया यह कदम
आगे चलकर सरकार की योजना है कि हर गांव अपने विकास कार्यों के लिए खुद आत्मनिर्भर बने। भविष्य में गांवों को सरकारी ग्रांट तभी मिलेगी, जब ग्राम पंचायतें अपनी तरफ से भी कुछ कमाई (राजस्व) करेंगी और आने वाले समय में जब यह नियम लागू होगा, तो गांव वालों पर अचानक 50 या 100 रुपये महीने का बोझ न पड़े, इसलिए अभी से यह 1 रुपये रोज़ का आसान और व्यावहारिक रास्ता निकाला गया है। इस 1 रुपये के सहयोग से ई-रिक्शा के जरिए घर-घर से कूड़ा उठाया जाएगा और गांव के कचरा निस्तारण केंद्रों को सुचारू रूप से चलाया जाएगा।
हर शुक्रवार होगा निरीक्षण, बनेगी ‘ग्राम कुल’ समिति
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर अब हर शुक्रवार को ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों का सुबह और शाम निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन का सबसे ज्यादा फोकस उन गांवों पर है जो विकास से कटे हुए हैं। गांव के विकास के लिए एक नई ‘ग्राम कुल’ समिति भी बनाई जा रही है। इसमें पंचायत सचिव, लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं (जैसे बैंक सखी) के साथ-साथ गांव के बुजुर्गों और सम्मानित लोगों को भी शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री के आह्वान पर गांव वालों को हफ्ते में कम से कम 2 घंटे साफ-सफाई के लिए ‘श्रमदान’ करने की शपथ भी दिलाई गई है।
कूड़े के प्लास्टिक से बनेंगी सड़कें, खुद रखे जाएंगे सफाई कर्मी
कचरे से कमाई का एक बेहतरीन मॉडल भी तैयार किया गया है। गांवों से निकलने वाले कचरे में से प्लास्टिक, कांच और ई-कचरे को अलग किया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर मशीनें लगाई जा रही हैं, जहां प्लास्टिक के कचरे को काटा जाएगा और फिर लोक निर्माण विभाग इस प्लास्टिक का इस्तेमाल सड़क बनाने में करेगा।
चूंकि सरकार की तरफ से नए सफाई कर्मियों की भर्ती का कोई आदेश नहीं है, इसलिए कई बड़ी पंचायतें इसी 1 रुपये के सहयोग राशि से 30-35 कर्मचारियों को अपने स्तर पर काम पर रख रही हैं, ताकि गांव चकाचक रहें।

जबदी नदी का होगा जीर्णोद्धार, तालाबों की सफाई गांव वालों के जिम्मे
अधिकारियों के गांव दौरे के दौरान कई पुरानी समस्याओं का भी हल निकाला गया। बाढ़ का खतरा बनने वाली गांव से सटी ‘जबदी नदी’ को फिर से जीवित (जीर्णोद्धार) करने के लिए रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है, ताकि पानी का बहाव सही रहे। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने साफ कहा कि अमृत सरोवरों (तालाबों) को सरकार बनवा सकती है, लेकिन उनकी देखरेख और सफाई की जिम्मेदारी गांव वालों की ही है। वहीं, जल निगम द्वारा बीच में छोड़ी गई पानी की पाइपलाइनों और खुदी पड़ी सड़कों पर प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि बजट आते ही काम फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालय वीरूवाला का निरीक्षण, बच्चों से किया संवाद।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि इस प्राथमिक विद्यालय को आदर्श प्राथमिक विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा इसके लिए जर्जर भवन की मरम्मत बाल मैत्री शौचालय का निर्माण सहित विद्यालय को अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से बनाया जाएगा।
उन्होंने बच्चों से बात की और उनके शैक्षणिक स्तर को जाना।

मलकपुर सेमली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय का किया औचक निरीक्षण।
जिलाधिकारी अपने भ्रमण के दौरान औचक रूप से मलकपुर सेमली में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचे, विद्यालय पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले बच्चों से बातचीत की और उनसे सुबह मिलने वाले नाश्ते की गुणवत्ता के बारे में पूछा।
बच्चों द्वारा नाश्ते की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं बताई गई जिस पर जिलाधिकारी ने वार्डन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए निर्धारित मेन्यू के अनुसार अनिवार्य रूप से भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए इसके लिए उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रतिदिन सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का नाश्ता और रात्रि में तैयार होने वाले भोजन की फोटो साझा की जाए।
बेटियों की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत जरूरी निर्माण कार्य कराने एवं शौचालय को दुरुस्त करने के साथ-साथ विद्यालय परिसर की विद्युत वायरिंग और पानी की वायरिंग को भी दुरुस्त करने के संबंध में निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर बदलाव दिखना चाहिए इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दैनिक रूप से कार्यों की मॉनिटरिंग करें।
इसके बाद जिलाधिकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अध्यापकों की तैनाती, कुल बच्चों की संख्या और विद्यालय परिसर के नजदीक अन्य जर्जर भवन के प्रयोजन के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बीच में उपलब्ध जमीन को खेल के मैदान के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि उच्च प्राथमिक विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिल सके साथ ही एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण तैयार हो सके।
उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विद्यालय में अराजक तत्वों द्वारा ताले तोड़ने की घटना पूर्व में घटित हो चुकी है जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि वह विद्यालयों के आसपास गस्त बढ़ाएं और विद्यालय की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को जेल भेजने की कार्यवाही करें।
