लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर चली बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई ने अब प्रशासन और वकीलों के बीच टकराव का रूप ले लिया है, जिसका असर जिला न्यायालयों के कामकाज पर भी साफ दिखाई दे रहा है.
बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध चैंबर हटाने के निर्देश दिए थे. वकीलों का आरोप है कि आदेश सिर्फ 72 चैंबरों को हटाने का था, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान 200 से ज्यादा चैंबर तोड़ दिए. इसी को लेकर वकीलों में भारी नाराजगी है और वे इसे आदेश से ज्यादा की कार्रवाई बता रहे हैं.
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और बिगड़ गया जब वकीलों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हो गए. हालांकि प्रशासन की तरफ से इस मामले में अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
घटना के बाद वकीलों ने जिला अदालतों में कामकाज ठप कर दिया है. कोर्ट में सुनवाई प्रभावित होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. कई मामलों की तारीख आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है.
इसी बीच एक और दावा चर्चा में है, जिसमें कहा जा रहा है कि बार काउंसिल से जुड़े लोगों की ओर से वकीलों को 600 लाठियां बांटी गई हैं. हालांकि इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक और कानूनी गलियारों में बहस तेज हो गई है.
वकील संगठनों का कहना है कि उनका विरोध न्यायपालिका से नहीं, बल्कि कथित तौर पर आदेश से ज्यादा हुई कार्रवाई से है. वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत की गई है.
फिलहाल पूरे मामले को लेकर तनाव बना हुआ है. प्रशासन और वकील संगठनों के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस हल निकलता नजर नहीं आ रहा.
