केंद्रीय जांच एजेंसी NIA ने पाकिस्तान से जुड़ी आतंकी साजिश के मामले में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार को चार राज्यों के 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारत में सक्रिय नेटवर्क ने ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद और IED मंगवाए थे।
सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों की साजिश पंजाब, दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में बड़े धमाकों को अंजाम देने की थी। हालांकि, इससे पहले ही NIA ने कार्रवाई तेज करते हुए संदिग्धों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पांच, राजस्थान और बिहार में दो-दो, जबकि महाराष्ट्र में तीन जगहों पर छापेमारी की गई। एजेंसी उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिनके तार इस मॉड्यूल से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी ने अपने भारतीय सहयोगियों के साथ मिलकर ड्रोन के जरिए सीमा पार से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मंगवाई थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल बड़े आतंकी हमलों में किया जाना था, जिससे भारी नुकसान हो सकता था।
इस बीच NIA ने हरियाणा के सिरसा महिला पुलिस थाने पर नवंबर 2025 में हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने इस केस में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं। आरोपियों में पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच के नाम सामने आए हैं।
NIA के मुताबिक, यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर भर्ती किया गया। जांच में धीरज नाम के एक भारतीय एजेंट की भी पहचान हुई है, जो भारत में रहकर पूरे नेटवर्क का समन्वय कर रहा था।
एजेंसी का दावा है कि सिरसा महिला थाने पर हमला रेकी के बाद किया गया था। हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड पंजाब से लाया गया था और पूरी वारदात को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया गया, ताकि उसका प्रचार किया जा सके। फिलहाल NIA फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस आतंकी नेटवर्क के बाकी कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।
