प्रयागराज में शुक्रवार शाम 2 हजार से ज्यादा प्रतियोगी छात्रों ने करीब ढाई घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने NEET पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में सबसे ज्यादा पेपर लीक और गड़बड़ियां सामने आई हैं, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
छात्रों का कहना था कि लगातार पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा सिस्टम और संस्थाओं से भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि उनका आंदोलन सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भर्ती सिस्टम में सुधार की मांग को लेकर है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर विरोध जताया। छात्रों ने कहा कि यह लड़ाई उनके भविष्य की है और इसे उन्हें खुद ही लड़ना पड़ेगा। संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच ने 12 जून को “लखनऊ चलो” आंदोलन का ऐलान भी किया। साथ ही 30 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन भेजने की बात कही गई।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चार प्रमुख मांगें रखीं— यूपी दरोगा भर्ती का स्कोर कार्ड जारी किया जाए, लेखपाल परीक्षा रद्द की जाए, भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मौके पर चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था में दो ACP, करीब 200 पुलिसकर्मी और क्विक रिस्पॉन्स टीम शामिल रही। पूरे प्रदर्शन की ड्रोन कैमरों से निगरानी भी की गई।
