मुरादाबाद : जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर कांठ विधानसभा के छजलेट ब्लॉक स्थित 10 हेक्टेयर में फैली ‘मोड़ा तइया’ झील जल्द ही एक बेहतरीन इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में नजर आएगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ योजना के तहत इस प्राकृतिक वेटलैंड को संवारने की कवायद शुरू हो गई है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव को इसका विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया है। इसके विकसित होने से न सिर्फ स्थानीय लोगों को एक रमणीक स्थल मिलेगा, बल्कि जिम कॉर्बेट और हरिद्वार जाने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक शानदार ट्रांजिट हब साबित होगा। जिलाधिकारी ने डीएफओ श्री प्रणव जैन, पर्यटन अधिकारी श्री प्रदीप टम्टासहित अन्य अधिकारियों के साथ’मोड़ा तइया’ झील का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने इस झील के विकास हेतु प्रस्तावित कार्यों की रूपरेखा के बारे में विस्तृत जानकारी ली और जरूरी दिशा निर्देश दिए।

*सात समंदर पार से आते हैं विदेशी मेहमान*
मोड़ा तइया झील अक्टूबर-नवंबर से लेकर फरवरी-मार्च तक विदेशी परिंदों से गुलजार रहती है। सेंट्रल एशिया, मंगोलिया, कजाकिस्तान और तिब्बत जैसे सुदूर देशों से हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर साइबेरियन क्रेन, ग्रेलैग गूज, पिनटेल, और रडी शेल्डक जैसे पक्षी यहां डेरा डालते हैं। इसके अलावा इस झील में लगभग दो दर्जन से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी भी पाए जाते हैं, जिनमें सारस क्रेन और एशियन ओपनबिल प्रमुख हैं। कमल के फूलों से भरी यह प्राकृतिक झील प्रकृति प्रेमियों और पक्षी निहारने वालों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बनेगी।

*पर्यटकों के लिए होंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं*
पर्यटन विकास के लिए इस स्थल पर प्राकृतिक थीम पर आधारित कई मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक, यहां एक साथ 200 लोगों के बैठने के लिए आकर्षक बेंच, परिंदों को निहारने के लिए चार वॉच टावर और एक पाथवे व नेचर ट्रेल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया, चित्रों व मॉडल्स के लिए संग्रहालय (इंटरप्रिटेशन सेंटर), टॉयलेट ब्लॉक, और सोलर पैनल जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। हाईवे से गुजरने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जनपद के हाईवे पर ओवरहेड साइनेज भी लगाए जाएंगे।

*एमडीए के हाथों में होगी कमान*
जिलाधिकारी की ओर से शासन से इको-टूरिज्म आर्किटेक्ट नामित कर बजट स्वीकृत करवाने का अनुरोध किया गया है ताकि प्रदेश को एक नया रमणीक स्थल मिल सके। शासन से हरी झंडी मिलने और पर्यटन विकास कार्यों का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, इस पूरे इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के सुचारू संचालन और समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को सौंप दी जाएगी। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
