मुरादाबाद। चर्चाओं और विवादों के केंद्र में बना स्कॉलर डेन कोचिंग संस्थान अब एक और बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा दिखाई दे रहा है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) के विभागीय सूत्रों के अनुसार कांठ रोड के पास नई तहसील रोड स्थित जिस भवन में स्कॉलर डेन संचालित हो रहा है, उसे शुक्रवार या शनिवार को सील किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि जिस भवन में वर्तमान में कोचिंग चलाई जा रही है, उसका मानचित्र कपड़ा शोरूम के लिए स्वीकृत कराया गया था। आरोप है कि स्वीकृत उपयोग के विपरीत भवन में बड़े पैमाने पर कोचिंग संस्थान संचालित किया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों में यह भी कहा गया कि कोचिंग के बाहर वाहनों की लंबी कतारों के कारण क्षेत्र में आए दिन जाम की स्थिति पैदा होती है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
एमडीए के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने पुष्टि की है कि संबंधित भवन को सील करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले भवन स्वामी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन मामला और अधिक उलझ गया।
नोटिस मालिक को, जवाब कोचिंग संचालक ने दिया
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार नोटिस भवन मालिक को भेजा गया था, जबकि जवाब कोचिंग संचालक की ओर से दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और कानूनी दृष्टि से नोटिस का उत्तर भवन स्वामी को देना चाहिए था, इसलिए यह जवाब स्वीकार्य नहीं माना गया।
बताया जाता है कि जवाब में कोचिंग संचालक ने एमडीए अधिकारियों से लेकर प्रधानमंत्री तक को संबोधित करते हुए लंबा पत्र भेजा और दावा किया कि जिस भवन को आज अवैध बताया जा रहा है, उसी में उसके संस्थान का उद्घाटन वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया था।
गौरतलब है कि उद्घाटन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह (तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष), शहर विधायक रितेश गुप्ता तथा मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल रही थीं।
“क्या उद्घाटन के साथ नक्शा भी भेजा था?”
उद्घाटन में शामिल रहे एक जनप्रतिनिधि ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में होने के कारण अनेक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या उद्घाटन के निमंत्रण के साथ भवन का स्वीकृत मानचित्र भी भेजा गया था? हमें तो केवल उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया था। भवन की तकनीकी स्वीकृतियों की जानकारी आयोजक और संबंधित विभागों के पास होती है।”
यह बयान उन दलीलों पर सीधे सवाल खड़ा करता है जिनके आधार पर कोचिंग संचालक अपने बचाव की कोशिश कर रहा है।
“जज, अफसर और नेताओं के नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश”
प्राधिकरण के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से बचने के लिए कोचिंग संचालक द्वारा प्रभावशाली अभिभावकों के नामों का सहारा भी लिया गया।
अधिकारी के अनुसार, जवाब में यह भी कहा गया कि संस्थान में न्यायाधीशों, वरिष्ठ अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बच्चे पढ़ते हैं तथा बाहर खड़े वाहनों में कई प्रभावशाली लोगों के वाहन भी शामिल होते हैं।
अधिकारी ने टिप्पणी की कि नियमों के पालन का निर्धारण किसी व्यक्ति की पहुंच या प्रभाव से नहीं, बल्कि कानून से होता है। उनके अनुसार प्रभावशाली नामों का उल्लेख कर कार्रवाई को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
अब सबकी नजर एमडीए की कार्रवाई पर
एक ओर भवन उपयोग नियमों के उल्लंघन का मामला, दूसरी ओर ताजा धोखाधड़ी की एफआईआर – इन दोनों घटनाओं ने स्कॉलर डेन और उसके संचालक को एक साथ कई मोर्चों पर घेर लिया है। अब निगाहें एमडीए की प्रस्तावित सीलिंग कार्रवाई पर टिकी हैं, जो होने पर शहर के सबसे चर्चित कोचिंग संस्थानों में से एक के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।
यदि निर्धारित समय में कोई नया कानूनी या प्रशासनिक मोड़ नहीं आता, तो आने वाले 24 से 48 घंटे स्कॉलर डेन के भविष्य के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं@शांतनु/INN
