मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर मुकदमे में पुलिस ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के भोजपुर नगर अध्यक्ष शराफत अली को गिरफ्तार कर लिया है। दुष्कर्म, धमकी और अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पीड़न से जुड़े आरोपों में हुई इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार थाना भोजपुर में दर्ज मु0अ0सं0 0235/2026 में वादिनी ने आरोप लगाया है कि शराफत अली ने उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, विरोध करने और किसी को जानकारी देने पर कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में संशोधन किया। प्रारंभ में लगी कुछ धाराओं का विलोप करते हुए धारा 64(2)(m) एवं 351(3) भारतीय न्याय संहिता की वृद्धि की गई। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लागू हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी शराफत अली पुत्र अब्दुल अजीज निवासी बगियावाला, कस्बा एवं थाना भोजपुर को 17 जून 2026 की सुबह लगभग 9:10 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की कार्रवाई उपनिरीक्षक अनुज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की। हालांकि गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार की बरामदगी नहीं हुई है।
राजनीतिक पहचान के कारण बढ़ी चर्चा
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि गिरफ्तार आरोपी शराफत अली आजाद समाज पार्टी का भोजपुर नगर अध्यक्ष बताया जा रहा है। एक सक्रिय राजनीतिक पदाधिकारी पर लगे इतने गंभीर आरोपों ने क्षेत्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पीड़िता के आरोप बेहद गंभीर
एफआईआर में लगाए गए आरोप केवल आपराधिक नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को कठोर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर कानून के अनुसार आरोपी को भी न्यायालय में अपना पक्ष रखने और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
पुलिस कर रही आपराधिक इतिहास की जांच
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शराफत अली के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल मुकदमे की विवेचना जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही है।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
भोजपुर क्षेत्र में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। एक ओर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर भी लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि विवेचना और न्यायालयी प्रक्रिया में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और यह मामला किस दिशा में बढ़ता है@जफर/INN
