अमरोहा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं क्षेत्रीय विधायक राजीव तरारा ने कहा है कि योग शिविरों के माध्यम से ही ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को पूरी तरह साकार किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर जनपद भर में व्यापक स्तर पर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों और 36 कौम के हजारों प्रबुद्ध नागरिकों ने ‘ऊं’ के पवित्र उच्चारण के साथ पूरे उत्साह से प्रतिभाग किया।

इस गौरवमयी अवसर पर अपने विशेष संबोधन में विधायक राजीव तरारा ने कहा कि 21 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल पर वैश्विक पटल पर “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” का शंखनाद हुआ था, जिसने पूरी दुनिया में हमारे पूर्वजों के इस महान ज्ञान, भारत और हिंदुत्व की गौरवशाली संस्कृति का डंका बजा दिया। उन्होंने गर्व के साथ जोड़ा कि आज से ठीक 11 वर्ष पूर्व दुनिया के 192 देशों ने जब भारत और हिंदुत्व की इस अनमोल विरासत को एक सुर में अपनाया था, तो स्वतः ही भारतवर्ष और दुनिया भर में रह रहे करोड़ों हिन्दुओं का सिर आत्मसम्मान से ऊंचा हो गया था।

अमरोहा जिले के पवित्र गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध तिगरी धाम समेत जनपद भर में आयोजित इन भव्य कार्यक्रमों की सबसे अनूठी बात यह रही कि प्रकृति और मौसम की विशेष अनुकूलता के चलते आसमान में बादलों की छांव ने सूरज की तपिश को बिल्कुल कम कर दिया, जिससे बेहद खुशनुमा और भक्तिमय माहौल में सभी योग सत्र संपन्न हुए।

इसी कड़ी में मंडी धनौरा का दिल कहलाने वाली ऐतिहासिक गढ़ी मंदिर धर्मशाला में मुख्य कार्यक्रम का सफल संयोजन भाजपा संगठन के जिला मंत्री राजीव अग्रवाल, वरिष्ठ नेता एवं सभासद अशोक घरोंटिया और बृजेश अग्रवाल द्वारा किया गया, जहां एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।

वहीं दूसरी ओर, पवित्र गंगा तट तिगरी धाम पर भाजपा नेता राजीव तरारा के ओजस्वी नेतृत्व में आज के दिन एक विशिष्ट ’12-12-12′ थीम के तहत अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसकी यह विशेष थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत के 12 शानदार वर्ष पूरे होने और कार्यक्रम में बारह सौ योग साधकों की गरिमामयी सहभागिता को समर्पित की गई थी।

इस वैश्विक उत्सव के पावन अवसर पर अमरोहा के समस्त माध्यमिक विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, स्पोर्ट्स स्टेडियमों और पौराणिक तिगरी धाम सहित जिला, तहसील, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर सभी सरकारी विभागों में विशेष योग शिविरों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों, प्रबुद्ध किसानों, निर्यातकों, क्षेत्रीय उद्यमियों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई, जिससे समाज में व्याप्त हर प्रकार के छोटे-बड़े के भेदभाव और सामाजिक असमानता की दीवारें पूरी तरह ढह गईं।

इस पावन अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक राजीव तरारा ने आधुनिक योग के जनक और ‘अयंगर योग’ शैली के जन्मदाता गुरु बी. के. एस. अयंगर (बेल्लूर कृष्णमचारी सुंदरराज अयंगर) को भी भावपूर्ण याद करते हुए उनके जीवन संघर्ष और वैश्विक अवदान को प्रमुखता से रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1918 में वेल्लूर के एक अत्यंत निर्धन परिवार में जन्मे गुरु अयंगर ने बचपन में टीबी, डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर व जानलेवा बीमारियों को अपनी योग शक्ति के बल पर न केवल परास्त किया, बल्कि 95 वर्ष की दीर्घायु तक अनवरत योग साधना करते हुए विश्व के कोने-कोने में इसका प्रचार-प्रसार किया।

गुरु बी. के. एस. अयंगर योग को दुनिया भर में जन-जन तक पहुंचाने वाले और ‘अयंगर योग’ के अद्वितीय जन्मदाता थे, जिन्होंने ‘लाइट ऑफ योग’ और ‘लाइट ऑफ प्राणायाम’ जैसी कालजयी पुस्तकों की रचना की। देश के प्रतिष्ठित सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित गुरु अयंगर ने बेल्जियम की महारानी एलिजाबेथ, हॉलीवुड की नामचीन हस्तियों और भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर जैसी वैश्विक विभूतियों को स्वयं योग की दीक्षा देकर भारत की इस प्राचीन विधा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च गौरव और वैश्विक पहचान प्रदान की।
