मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा अवैध निर्माणों और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। प्राधिकरण की सख्ती के चलते शहर भर में अवैध रूप से संचालित बैंक्वेट हॉल, अस्पताल और कोचिंग सेंटर संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। गुरुवार को भी एमडीए की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कई प्रतिष्ठानों को सील कर दिया।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार जिन भवनों का उपयोग स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया जा रहा था अथवा आवश्यक अनुमतियों के बिना संचालन किया जा रहा था, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।

जोन 1/2 में इन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई
एमडीए द्वारा जोन 1/2 में निम्नलिखित मामलों में सीलिंग की कार्रवाई की गई—
वाद संख्या 48/2018 – विपक्षी हरपाल सिंह (रायल मंडप)
वाद संख्या 952/2022-23 – विपक्षी विनोद राय (राय मंडप)
वाद संख्या 1009/2022-23 – विपक्षी शकुंतला देवी (के.डी. मंडप)
वाद संख्या 163/2023-24 – विपक्षी काशीराम (कोचिंग सेंटर)
वाद संख्या 979/2022-23 – विपक्षी ऐरावत पुष्करण (अस्पताल)
वाद संख्या 2532/2024 – विपक्षी जमील अहमद (मंडप)
इन सभी प्रतिष्ठानों को अवैध संचालन और प्राधिकरण के नियमों के उल्लंघन के आरोप में सील किया गया।
जोन 2/8 में भी चला सीलिंग अभियान
एमडीए की टीम ने जोन 2/8 में भी कार्रवाई करते हुए दो बड़े बैंक्वेट हॉल सील किए—
वाद संख्या 2910/2036 – विपक्षी रहीश अहमद (रहीश मंडप)
वाद संख्या 23/2025 – विपक्षी शकील (इबाद मंडप)
प्राधिकरण के अनुसार इन प्रतिष्ठानों का संचालन भी निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया।

लगातार कार्रवाई से बढ़ी बेचैनी
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा पिछले कुछ समय से शहर में अवैध निर्माणों, बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित भवनों तथा स्वीकृत उपयोग के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्राधिकरण के निशाने पर हैं।
एमडीए अधिकारियों का कहना है कि जिन भवनों में मानचित्र स्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है या बिना आवश्यक विभागीय अनुमतियों के संचालन किया जा रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
संचालकों में हड़कंप, नियमों के पालन की चेतावनी
लगातार हो रही सीलिंग कार्रवाई के बाद शहर के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों में बेचैनी बढ़ गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विपरीत संचालित किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी@ शांतनु/INN
