नई दिल्ली। अहमदाबाद में पिछले साल 12 जून को हुए एयर इंडिया AI-171 विमान हादसे की जांच को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। ब्यूरो ने साफ किया है कि हादसे से जुड़े कई अहम सबूत, खासकर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR), विमान के अंदर की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य संवेदनशील दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। AAIB का कहना है कि मौजूदा कानून और अंतरराष्ट्रीय नियम इसकी अनुमति नहीं देते। ब्यूरो ने यह भी बताया कि हादसे की ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की संभावना है।
संवेदनशील रिकॉर्ड रहेंगे गोपनीय
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में AAIB ने कहा कि जांच के दौरान जुटाई गई कई जानकारियां पूरी तरह गोपनीय होती हैं। इनमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR), विमान के अंदर की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, गवाहों के बयान, पायलट और एयरलाइन कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की रिकॉर्डिंग, साथ ही मृतकों और घायलों से जुड़ी निजी एवं मेडिकल जानकारी शामिल है। इन दस्तावेजों को किसी बाहरी समिति या आम जनता के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने पर क्यों है रोक?
AAIB ने अदालत को बताया कि विमान दुर्घटना जांच नियम, 2025 के नियम 17(5) के तहत कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और विमान के अंदर की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने पर स्पष्ट कानूनी प्रतिबंध है। ब्यूरो का कहना है कि यदि गवाहों या विमान संचालन से जुड़े लोगों को यह आशंका होगी कि उनके बयान बाद में सार्वजनिक कर दिए जाएंगे, तो वे जांच में खुलकर सहयोग नहीं करेंगे। इससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों तक पहुंचने और भविष्य में विमान सुरक्षा को बेहतर बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो रही जांच
AAIB ने बताया कि यह जांच केवल भारतीय कानूनों के तहत नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के एनेक्स-13 और शिकागो कन्वेंशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है। ऐसे मामलों में विमान निर्माता देश, संबंधित एयरलाइन और अन्य देशों की जांच एजेंसियां भी प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि इस जांच का उद्देश्य किसी पायलट, क्रू सदस्य या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करना नहीं, बल्कि हादसे के कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाना है।
अक्टूबर 2026 तक आ सकती है रिपोर्ट
हलफनामे के मुताबिक जांच का शेष तकनीकी कार्य अगले करीब छह सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद सभी तथ्यों और साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की संभावना जताई गई है।
किन याचिकाओं पर आया जवाब?
AAIB का यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दायर उन याचिकाओं के जवाब में दाखिल किया गया है, जिन्हें हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स और सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन नामक एनजीओ ने दाखिल किया था।
क्या था AI-171 विमान हादसा?
12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी इस हादसे में जान गंवाई। कुल 260 लोगों की मौत के साथ यह हादसा भारत के सबसे भयावह विमान हादसों में गिना जाता है।
