पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI संस्थापक इमरान खान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उन्हें अगले कुछ दिनों के भीतर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में इलाज के लिए स्थानांतरित किया जाए।
न्यायमूर्ति शाहिद वाहिद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान खान की अस्पताल में भर्ती कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति नईम अख्तर अफगान और न्यायमूर्ति इश्तियाक इब्राहिम भी शामिल थे।
अदालत ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि इमरान खान के परिवार के सदस्यों के साथ उनकी साप्ताहिक मुलाकातें नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएं। इमरान खान और उनके परिवार की ओर से याचिका में उनकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों, खासकर आंखों की समस्या, का हवाला देते हुए निजी अस्पताल में इलाज की मांग की गई थी।
इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल में बंद हैं। वह तोशाखाना और अल-कादिर ट्रस्ट समेत भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं।
जनवरी 2026 के अंत में उनकी दाहिनी आंख की नस में ब्लॉकेज की समस्या सामने आई थी। PTI नेताओं और उनके परिवार ने दावा किया था कि उचित समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से उनकी आंखों की रोशनी में काफी कमी आई है।
इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं का आरोप रहा है कि उन्हें उनके निजी डॉक्टरों से पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही थी। परिवार की ओर से डॉ. फैसल सुल्तान और डॉ. असीम यूसुफ जैसे निजी चिकित्सकों की पहुंच की मांग भी की गई थी। साथ ही, वकीलों और परिवार के सदस्यों से मुलाकात को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन का कहना था कि इमरान खान का इलाज सरकारी चिकित्सा व्यवस्था के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों और आंखों के सर्जनों की निगरानी में किया जा रहा है और उनकी हालत में सुधार हुआ है।
निचली अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद इमरान खान की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया था। अब शीर्ष अदालत के आदेश के बाद उन्हें निजी अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
