मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने सिविल लाइंस क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे मौसम बैंक्वेट/शादी हॉल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को उसे सील कर दिया। एमडीए की टीम ने परिसर पर सील लगाकर सील आदेश का नोटिस भी चस्पा कर दिया। कार्रवाई के बाद बैंक्वेट हॉल में होने वाले आयोजनों पर रोक लगा दी गई है।

एमडीए के सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी सील आदेश में मोहिउद्दीन पुत्र अमीनुद्दीन एवं शुएब अमीन पुत्र अमीनुद्दीन की मिल्कियत वाली संपत्ति का उल्लेख है। संपत्ति जिला पंचायत कॉलोनी, थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित बताई गई है। आदेश में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 28क(1) के तहत कार्रवाई का हवाला दिया गया है।
पहले भी लग चुकी थी सील, तोड़कर फिर शुरू हुआ संचालन
एमडीए के आदेश में कहा गया है कि संबंधित बैंक्वेट/शादी हॉल के संचालन के संबंध में पहले भी प्राधिकरण स्तर से कार्रवाई की जा चुकी है। आदेश के मुताबिक 2 जुलाई 2025 को पुलिस बल की मौजूदगी में परिसर को सील किया गया था। इसके बाद शादी समारोह के आयोजन के लिए अनुमति मांगी गई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण की सील को एक दिन के लिए खोलने की अनुमति दी गई।

आदेश के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद 5 जुलाई 2025 को परिसर को पुनः सील कर दिया गया था। इसके बावजूद बाद में निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण की ओर से लगाई गई सील को हटाकर/तोड़कर परिसर में बैंक्वेट हॉल का संचालन किए जाने की बात सामने आई।
एमडीए के दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि इस संबंध में थाना सिविल लाइंस में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर भेजी गई थी।
बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण का आरोप
प्राधिकरण की कार्रवाई के पीछे प्रमुख आधार संबंधित निर्माण और बैंक्वेट हॉल के संचालन को बताया गया है। आदेश में कहा गया है कि परिसर में स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण और उपयोग नहीं किया गया तथा बैंक्वेट/शादी हॉल का संचालन किए जाने के संबंध में प्राधिकरण की अनुमति का पालन नहीं किया गया।

एमडीए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संबंधित स्थल पर आवासीय भवन का बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण किए जाने और उसे बैंक्वेट/शादी हॉल के रूप में इस्तेमाल किए जाने की स्थिति सामने आई।
न्यायालय में भी चल रहा है मामला
इस संपत्ति को लेकर न्यायालय में चल रहे मामले का भी आदेश में उल्लेख है। दस्तावेज के अनुसार सिविल सूट संख्या 608/2025, मोहिउद्दीन बनाम मुरादाबाद विकास प्राधिकरण आदि में सिविल जज (सीनियर डिवीजन), मुरादाबाद की अदालत द्वारा 24 जुलाई 2025 को आदेश पारित किया गया था। इसके बाद 10 अगस्त 2026 को भी न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने का उल्लेख सील आदेश में किया गया है।

इसके अलावा विविध सिविल अपील संख्या 128/2025 का भी आदेश में हवाला दिया गया है। एमडीए ने न्यायालय में लंबित प्रकरण और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद निर्माण को सील किया जाना आवश्यक माना।
6 मीटर रास्ते का भी उल्लेख
सील आदेश में संपत्ति की सीमाओं और आसपास की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। इसमें उत्तर दिशा में मकानात/पंचायत भवन, दक्षिण में मकानात एवं मोहम्मद कमर के कब्जे तथा सड़क और पश्चिम में सरकारी सड़क का उल्लेख है। आदेश में रास्ते की चौड़ाई 6 मीटर बताई गई है।

एमडीए ने संबंधित निर्माण को सील किए जाने के साथ परिसर के संरक्षण के लिए पुलिस को भी अवगत कराने की बात कही है। आदेश में यह निर्देश भी दिया गया है कि सील किए गए परिसर में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न किया जाए और प्राधिकरण की अनुमति के बिना वहां कोई गतिविधि संचालित न की जाए।
आज की कार्रवाई से बैंक्वेट हॉल का संचालन बंद
एमडीए की टीम ने बुधवार को आदेश के अनुपालन में मौके पर पहुंचकर बैंक्वेट हॉल को सील कर दिया और सीलिंग संबंधी नोटिस परिसर पर चस्पा कर दिया। कार्रवाई के बाद मौके पर बैंक्वेट हॉल के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लग गई है।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मुरादाबाद में बिना स्वीकृत मानचित्र, निर्धारित भू-उपयोग के विपरीत निर्माण और सील किए गए परिसरों में दोबारा गतिविधियां शुरू करने के मामलों पर एमडीए की कार्रवाई लगातार जारी है। संबंधित बैंक्वेट हॉल के मामले में भी प्राधिकरण के पुराने आदेशों, निरीक्षण रिपोर्ट और न्यायालय में लंबित प्रकरण को आधार बनाकर सीलिंग की कार्रवाई की गई है@शांतनु/INN
