उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गुरुवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में संभल के चर्चित पुलिस अधिकारी केके बिश्नोई और मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे का नाम भी शामिल है।
तबादले के बाद केके बिश्नोई को संभल से हटाकर बिजनौर का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। वहीं, मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे को उनके पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय, लखनऊ में एसपी के पद पर संबद्ध किया गया है।
अविनाश पांडे पिछले महीने मेरठ में हुए एक प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में आए थे। 5 जुलाई को 20 वर्षीय दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में 8 जुलाई को लोगों ने मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया था।
इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडे का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पुलिस वाहन के अंदर एक प्रदर्शनकारी वकील को थप्पड़ मारते नजर आए थे। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और कई दलित संगठनों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
मामले ने बाद में राजनीतिक रंग भी ले लिया। बहुजन समाज पार्टी और आजाद समाज पार्टी समेत कई नेताओं ने घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले को लेकर यूपी के डीजीपी और गृह विभाग से जवाब मांगा था।
अब अविनाश पांडे को मेरठ से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किए जाने के बाद इस कार्रवाई को उसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, तबादला आदेश में कार्रवाई की वजह का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
दूसरी ओर, केके बिश्नोई को संभल से हटाकर बिजनौर भेजा गया है। सरकार के इस फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
