उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत की है। इसके जरिए प्रदेश में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे लाखों कर्मचारियों को वेतन, बीमा, भविष्य निधि और शिकायतों से जुड़ी सुविधाएं एक ही व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि सरकार और कर्मचारी के बीच संबंध केवल वेतन और काम तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह भरोसे और जिम्मेदारी पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी नौकरी से जुड़े कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका समय अपने कर्तव्य व परिवार के लिए बचना चाहिए।
कर्मचारियों के अधिकार होंगे सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 3.5 लाख से अधिक कर्मचारियों से जुड़े इस निगम का उद्देश्य उनके हितों को मजबूत करना है। कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले, EPF और बीमा जैसे अधिकार सुरक्षित रहें और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था हो, इस पर जोर दिया जाएगा।
सरकार के मुताबिक आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार और कोटेदारों के मानदेय व प्रोत्साहन में बढ़ोतरी के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
वहीं, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में जुलाई से 5 फीसदी की वृद्धि की जा चुकी है।
इन कर्मचारियों का बढ़ा मानदेय
कंप्यूटर ऑपरेटर: 249 कर्मचारियों का मानदेय करीब ₹20,655 से बढ़कर ₹21,420 हुआ।
लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटर: 35 कर्मचारियों का मानदेय ₹20,000 से बढ़ाकर ₹26,000 किया गया।
प्रोग्रामर: 26 कर्मचारियों का मानदेय करीब ₹42,000 से बढ़कर ₹43,313 हुआ।
अब बिना प्रक्रिया के नहीं होगी बर्खास्तगी
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को मनमाने तरीके से नौकरी से हटाने पर रोक लगाने की व्यवस्था की जा रही है। अगर किसी कर्मचारी पर आरोप लगता है तो पहले मामले की जांच होगी और आरोप साबित होने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नौकरी दिलाने के नाम पर आउटसोर्स कर्मचारियों से अवैध वसूली करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
UPCOS के जरिए मिलेंगी ये सुविधाएं
नए सिस्टम के तहत आउटसोर्स कर्मचारी अपनी नौकरी से जुड़ी कई जानकारियां एक ही पोर्टल पर देख सकेंगे। इसमें सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, उपस्थिति और वेतन से होने वाली कटौती जैसी जानकारी शामिल होगी।
इसके अलावा कर्मचारी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे और उसकी स्थिति भी पोर्टल पर देख पाएंगे। EPF और ESIC जैसी सुविधाओं की निगरानी भी ऑनलाइन की जाएगी।
सरकार की योजना के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारियों को ₹50 लाख का दुर्घटना बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही करीब 3 लाख कर्मचारियों को नियमों के तहत भर्ती में आरक्षण का लाभ देने की बात भी कही गई है।
