अमरोहा/मुरादाबाद,01 सितंबर (MP Singh)। बारिश के मौसम में एक ओर जीवित और मृत तेंदुओं के शोर में सर्पदंश के मामले दब से गए हैं। मुरादाबाद मंडल में इन दिनों तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता और हमलों को लेकर मचे हो-हल्ले के बीच सर्पदंश के मामलों ने भी गंभीर चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही बरसात के कारण चाहे मंडी धनौरा का बाढ़ खंड नाला हो जहां ओवरफ्लो होकर कलाली रोड पर बहते गंदे पानी के साथ जहरीले सांप भी घरों में घुस जाते हैं, या जगह-जगह जल-भराव से सांप अपने बिलों से निकलकर रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जा रही है।
पिछले तीन दिनों में नौ मरीज अस्पताल पहुंचे
अकेले अमरोहा जिले में बीते महज दो दिनों के भीतर सर्पदंश से पीड़ित नौ लोगों को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की मुस्तैदी और एंटी-वेनम इंजेक्शन के त्वरित उपयोग से सभी की जान बचाई जा सकी। इनमें से अमरोहा के खेत में काम करने के दौरान कोबरा के डसने से अति गंभीर स्थिति में पहुंचे 37 वर्षीय मोहम्मद नुरुद्दीन को चिकित्सकों ने करीब 30 एंटी-वेनम डोज देकर मौत के मुंह से बाहर निकाला। घटना के समय परिजन सांप का वीडियो बनाकर अस्पताल पहुंचे थे, जिससे चिकित्सकों को सांप की प्रजाति की पहचान कर सटीक इलाज शुरू करने में काफी मदद मिली।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू व रहस्यमय बुखार सहित ओपीडी की भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। मुरादाबाद और अमरोहा के जिला अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 120 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें मौसमी बीमारियों के साथ-साथ सर्पदंश से पीड़ित मरीज भी शामिल हैं।
चिकित्सकों के अनुसार सर्पदंश के बाद काटे गए स्थान पर अत्यधिक दर्द, सूजन, रक्तस्राव, त्वचा का रंग बदलना, पलकों का झुकना, बोलने व निगलने में तकलीफ, चेहरे व गले में कमजोरी, अत्यधिक थकान, चक्कर आना, बेहोशी और सांस लेने में कठिनाई जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आते ही बिना समय गंवाए मरीज को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना बेहद जरूरी है।
अमरोहा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सर्पदंश के संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच और एंटी-वेनम की उपलब्धता के साथ त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले में पशुप्रेमी तथा पूर्व वृक्ष प्रतिपालक नरेंद्र कटारिया का कहना है कि मुरादाबाद मंडल में इन दिनों तेंदुओं को लेकर जितना शोर मचा हुआ है, निष्पक्ष जांच कराने पर उससे कहीं ज्यादा तादाद में मामले सर्पदंश के हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के हमले हों, सांप का डंक हो या फिर सड़क हादसे, जनहानि किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को हर प्रकार के जीवन संकट को रोकने के लिए समान गंभीरता से प्रभावी इंतजाम करने चाहिए। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि सांप काटने पर घबराएं नहीं और अंधविश्वास, झाड़-फूंक, ओझा या तांत्रिक के चक्कर में समय गंवाने के बजाय सीधे अस्पताल पहुंचें। साथ ही सूजन बढ़ने से पहले प्रभावित अंग से अंगूठी, कड़ा, घड़ी व पायल जैसी कसने वाली वस्तुएं सावधानीपूर्वक उतार दें@MP SINGH/INN
