मुरादाबाद। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्रों का परीक्षा परिणाम में देरी को लेकर आक्रोश सामने आया है। बुधवार को छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर की रिचेकिंग तथा द्वितीय सेमेस्टर के लंबित परीक्षा परिणाम को जल्द जारी कराने की मांग को लेकर कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय पर परिणाम घोषित नहीं होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों का कहना है कि प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में कई विद्यार्थियों को अपेक्षा से कम अंक मिले। मूल्यांकन में गड़बड़ी की आशंका के चलते छात्रों ने विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुसार रिचेकिंग के लिए आवेदन किया था। आवेदन किए हुए करीब दो महीने का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक संशोधित परिणाम सामने नहीं आया है।
वहीं, द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं समाप्त हुए भी लगभग तीन महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद परिणाम जारी नहीं होने से विद्यार्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है। छात्रों के अनुसार, परिणाम लंबित रहने का असर केवल अगली कक्षा में प्रवेश पर ही नहीं, बल्कि छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर भी पड़ रहा है।
गलत मूल्यांकन की शिकायत, दोबारा परीक्षा का विकल्प मांगा
ज्ञापन में छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर के परिणाम की दोबारा जांच कराकर जल्द संशोधित परिणाम घोषित करने की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि किसी छात्र के मूल्यांकन में वास्तविक त्रुटि सामने आती है तो उसे नियमानुसार अंक दिए जाएं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी की गई, ताकि एक परिणाम की देरी के कारण उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।
तीसरे सेमेस्टर में प्रवेश को लेकर भी चिंता
छात्रों ने तीसरे सेमेस्टर की पढ़ाई और रजिस्ट्रेशन को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि जब तक पहले और दूसरे सेमेस्टर की लंबित प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर के नामांकन से किसी भी स्थिति में वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए विश्वविद्यालय को पर्याप्त समय देने की मांग की गई है।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं निकला समाधान
एलएलबी छात्रों के मुताबिक, परिणाम से जुड़ी समस्या को लेकर वे पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी के चलते छात्रों ने कुलाधिपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
छात्रों ने भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए परीक्षा, मूल्यांकन, रिचेकिंग और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की प्रक्रिया में देरी का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है, इसलिए लंबित परिणामों का जल्द निस्तारण किया जाना जरूरी है@शांतनु/INN
