अमरोहा। प्रदेश सरकार और पुलिस महकमा एक ओर जहां महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के नाम पर ‘मिशन शक्ति’, ‘शक्ति दीदी’ और ‘महिला सशक्तिकरण’ जैसे बड़े-बड़े अभियानों का ढोल पीट रहा है, वहीं दूसरी ओर वर्दी की आड़ में छिपे ‘रक्षकों’ के भक्षक बनने से खाकी पूरी तरह दागदार हो गई है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में एक युवती को सुरक्षा का अहसास कराने के बजाय उसके साथ हैवानियत की हदें पार कर दी गईं। पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई का दावा करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगा संजय तोमर (पुत्र हरपाल सिंह, निवासी ग्राम सूप, थाना रमाला, जनपद बागपत, वर्तमान तैनाती थाना हसनपुर) और सिपाही प्रमोद (पुत्र रणजीत, निवासी ग्राम खेड़ा मस्तान, थाना फुगाना, जनपद मुजफ्फरनगर, वर्तमान तैनाती पुलिस लाइन) तथा केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवानों के खिलाफ मु0अ0सं0 585/2026 धारा 70(1) बीएनएस के तहत सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर चारों नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
चौंकाने वाले इस पूरे प्रकरण में पुलिसिया तंत्र का घिनौना चेहरा सामने आया है। प्राथमिक विवरण के अनुसार, पीड़िता पूर्व से परिचित सीआरपीएफ जवान विक्की उर्फ मोहित (पुत्र सुल्तान सिंह, निवासी ग्राम सोरम, थाना शाहपुर, जनपद मुजफ्फरनगर, 5वीं बटालियन दिल्ली में हेड कांस्टेबल) और लालाराम यादव (पुत्र रम्मल सिंह, निवासी ग्राम हातन खेड़ा, थाना बहरोल, जनपद अलवर, राजस्थान, 156वीं बटालियन असम में निरीक्षक) के साथ अमरोहा आई थी। सोनीपत (हरियाणा) में हुई पहचान के बाद 22 सितंबर को दोनों जवान उसे हसनपुर क्षेत्र में ले आए, जहां उनकी साठगांठ हसनपुर कोतवाली में तैनात दरोगा संजय तोमर से हुई। इसके बाद कानून के इन नुमाइंदों ने योजनाबद्ध तरीके से झुलपुरी स्थित एक फार्महाउस में दो कमरे किराये पर लिए। वारदात को अंजाम देने की नियत उस वक्त और साफ हो गई जब पुलिस लाइन में तैनात सिपाही प्रमोद वहां भोजन लेकर पहुंचा। पीड़िता का आरोप है कि वहां रुकने के दौरान इन चारों सुरक्षाकर्मियों ने अपनी मर्यादा तार-तार करते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
कानून की रक्षा की कसम खाने वाले चार-चार सुरक्षाकर्मियों द्वारा अंजाम दी गई इस वारदात ने पुलिस के सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है। मामले में बैकफुट पर आई हसनपुर पुलिस ने आनन-फानन में प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अमित कुमार, उपनिरीक्षक अंकुर मलिक, उपनिरीक्षक प्रवीण तोमर, कांस्टेबल अतुल मलिक, कांस्टेबल साहिल एवं महिला कांस्टेबल प्रेरणा सैनी की विशेष टीम गठित कर चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। खाकी को शर्मसार करने वाले इस गंभीर मामले में पुलिस अब आरोपियों को रिमांड हेतु न्यायालय के समक्ष पेश कर विधिक खानापूरी करने में जुटी है, लेकिन इस घटना ने महिला सुरक्षा अभियानों के जमीनी सच को बेनकाब कर दिया है@MP SINGH/INN
